
श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में सोना चोरी का मामला आया सामने (Photo-ANI)
Sree Padmanabhaswamy Temple Gold Theft: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों देशवासियों से अपील करते हुए एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की थी। वहीं दूसरी तरफ केरल के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में सोना चोरी और सुरक्षा में गंभीर चूक के आरोप सामने आए हैं। डीजीपी रवादा ए. चंद्रशेखर द्वारा गृह विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले कुछ महीनों में मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए लगभग 78 ग्राम सोने की छड़ें और सिक्के गायब हो गए हैं।
डीजीपी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ‘वैर नाम’ नाम का हीरे का आभूषण पिछले छह महीने से गायब है। इसके अलावा सोने का दीपक को बिना किसी आधिकारिक रिकॉर्ड के चांदी के विकल्प से बदल दिया गया। दरअसल, यह दीपक मरम्मत के लिए हटाया गया था।
वहीं रिपोर्ट में डीजीवी चंद्रशेखर ने सुझाव भी दिया है। उन्होंने कहा कि मंदिर में रखे सभी सोने-चांदी के कीमती सामानों को एक केन्द्रीकृत स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाए। इसके अलावा भक्तों द्वारा दिए गए सोना-चांदी के दान को पुलिस की निगरानी में रिकॉर्ड कर सुरक्षित लॉकरों में रखा जाए।
साथ ही रिपोर्ट में सुरक्षा में बड़ी खामियों की ओर भी इशारा किया गया है। जिसमें कहा गया कि कुछ लोग बिना अनिवार्य सुरक्षा जांच के मंदिर में प्रवेश कर रहे थे। जिनमें मंदिर कर्मचारी, सुरक्षा कर्मी और शाही परिवार से जुड़े व्यक्ति शामिल हैं। डीजीपी ने मामले में जल्द कार्रवाई करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की भी मांग की है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2011 में श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का तहखाना खोला गया था, जिसमें अरबों के सोने-जेवरात और कीमती जेवरातों का भंडार सामने आया था। इनमें से एक तहखाना आज भी धार्मिक कारणों से बंद है।
दरअसल, सोना चोरी का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं, क्योंकि मंदिर का संचालन पांच सदस्यीय प्रशासनिक समिति करती है। इसमें राज्य सरकार, केंद्र सरकार, एक जज, शाही परिवार का प्रतिनिधि और तंत्री सदस्य शामिल है।
इस मामले में प्रदेश के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि यह छह महीने पहले की बात है। किसी भक्त ने कुछ सोना दिया था। वह वहां से गायब हो गया है। जब हमें यह जानकारी मिली, तो पुलिस ने जांच की और DGP को एक रिपोर्ट सौंपी। मुझे बताया गया कि यह पद्मनाभ स्वामी मंदिर में एक जिला जज की अध्यक्षता वाली कमेटी को दे दिया गया है।
Updated on:
27 May 2026, 12:14 PM IST
Published on:
27 May 2026, 12:14 PM IST
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