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Lok Sabha Elections 2024 : 33% वोटों पर सभी दलों की नजर, मराठा समुदाय के तेवर तय करेंगे उम्मीदवारों का भविष्य, जानिए पूरा गणित

Lok Sabha Elections 2024 : महाराष्ट्र में मराठा समुदाय काफी समृद्ध माना जाता है। अब तक राज्य में 10 मुख्यमंत्री मराठा समाज के बने हैं। महाराष्ट्र की कुल जनसंख्या का 33 प्रतिशत हिस्सा मराठा समुदाय का है। पढ़िए रामदिनेश यादव की विशेष रिपोर्ट...

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Lok Sabha Elections 2024 : देश के दूसरे सबसे बड़ी आबादी वाले प्रदेश महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव को लेकर महासंग्राम मचा हुआ है। यहां शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेतृत्व वाली महाविकास आघाडी और भाजपा नेतृत्व वाली महायुति के बीच कांटे की टक्कर होगी। इस लड़ाई में कई महत्त्वपूर्ण फैक्टर भी काम करेंगे, जिनमे से एक महत्त्वपूर्ण फैक्टर है मराठा समाज। राज्य में मराठा समुदाय 33 प्रतिशत से अधिक है। आरक्षण की मांग को लेकर पिछले कई वर्षों से यह समाज आंदोलन कर रहा है। इस वर्ग को कई बार आरक्षण देने का प्रयास तत्कालीन राज्य सरकारों ने किया लेकिन कोर्ट में उनका मामला टिक नहीं पाया।


राजनीतिक दलों और मराठा समाज के बीच तनाव

इस बार भी जब प्रदेश में एकनाथ शिंदे की सरकार आई तो उसके कुछ दिनों बाद ही मराठा आरक्षण का जिन्न जाग गया और मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन भी शुरू हो गया। इस आंदोलन में मनोज जारांगे पाटिल हीरो बनकर उभरे, शिंदे सरकार ने मराठाओं की कुछ मांगों को तो स्वीकार कर लिया लेकिन कुछ को लेकर मुकर गईं। इस वजह से मराठा समाज के कुछ लोग सरकार से खफा हैं। आरोप-प्रत्यारोप के चलते राजनीतिक दलों और मराठा समाज के बीच तनाव बढ़ गया है। इसका असर इस लोकसभा चुनाव में पड़ेगा।

किस दल से खफा है मराठा समाज

दिलचस्प बात यह है कि मराठा समाज किस दल से खफा है और किसके साथ है, यह किसी को समझ में नहीं आ रहा है। भाजपा के साथ शिवसेना (एकनाथ शिंदे) गुट, एनसीपी अजित पवार गुट, राष्ट्रीय समाज पार्टी महायुति गठबंधन में शामिल होकर लड़ रहे हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के साथ कांग्रेस व एनसीपी (शरद चंद्र पवार) गठबंधन में शामिल हैं।

बना हुआ है दबदबा

महाराष्ट्र में मराठा समुदाय काफी समृद्ध माना जाता है। अब तक राज्य में 10 मुख्यमंत्री मराठा समाज के बने हैं। महाराष्ट्र की कुल जनसंख्या का 33 प्रतिशत हिस्सा मराठा समुदाय का है। पश्चिमी महाराष्ट्र सहित मध्य, खानदेश और कोंकण क्षेत्र में मराठा समुदाय की संख्या अधिक है। प्रदेश में शिक्षा और सहकार क्षेत्र में इनका काफी प्रभुत्व है। राज्य के 50 प्रतिशत एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, 70 प्रतिशत डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक और 90 प्रतिशत शुगर फैक्ट्री मराठा लोगों के हाथ में है। पश्चिम महाराष्ट्र में दुग्ध सहकार क्षेत्र में भी दबदबा है। राज्य के विधानमंडल के विधानसभा और विधान परिषद (कुल 366 में से 169) में 46 प्रतिशत से ज्यादा विधायक मराठा समाज से हैं।

पाटिल पर है नजर

फिलहाल सबकी नजर लोकसभा चुनाव को लेकर मनोज जारांगे पाटिल की भूमिका पर टिकी है। पिछले वर्ष सितंबर से आंदोलन में उतरे मराठा कार्यकर्ता मनोज जारांगे राज्य में हीरो बन गए।

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