
जल संकट
Water Crisis Before Monsoon: मौसम विभाग के मानसून की बारिश में इस बार सामान्य से करीब 10 फीसदी कम होने का पूर्वानुमान दिया गया है। ऐसे में राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में खेती और पेयजल की जरूरतों का दारोमदार बड़े बांधों पर है, जिनमें पानी लगातार कम हो रहा है। हालांकि केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के आंकड़ों के अनुसार, बांधों में पानी की राजस्थान और छत्तीसगढ़ के जलाशयों में पिछले साल से सुधार है, जबकि मध्यप्रदेश की स्थिति मिलीजुली है। अब सबकी नजरें अच्छे मानसून पर टिकी है, ताकि इन बांधों में पानी की आवक बढ़े। राज्यवार जानिये कि किस राज्य में पानी को लेकर क्या संकट है? राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़।
राजस्थान के जलाशयों की स्थिति नाजुक है, जहां प्रमुख 7 बांध औसतन 60% तक सूख चुके हैं और इनमें केवल 40% पानी बचा है।
बीसलपुर बांध: अभी 68.63% भरा है (पिछले साल यह 84.25% था)
राणा प्रताप सागर: स्थिति चिंताजनक है, सिर्फ 34.78% पानी बचा है।
माही बजाज सागर: 35.49% पानी है (पिछले साल 30.37% था)
जवाई बांध: सबसे खराब स्थिति में केवल 26.94% पानी बचा है।
सोम कमला अम्बा: यहां 61.38% पानी उपलब्ध है।
मध्यप्रदेश के 11 बड़े बांधों में औसतन 34% पानी है, जो पिछले साल के 32.68% से थोड़ा बेहतर है। हालांकि, यहां के 8 बांधों में पानी 50त्न से कम है और दो बांध सूखने की कगार पर हैं।
बेहतर स्थिति: गांधी सागर में 61.09%, अटल सागर में 56.71% और बाणसागर में 54.43% पानी है।
चिंताजनक स्थिति: इंदिरा सागर में 18.02%, ओंकारेश्वर में 19.73% और बारगी में 13.46% पानी बचा है।
रसातल पर पहुंचे बांध: संजय सरोवर में महज 7.62% और तवा बांध में केवल 4.37% पानी शेष है।
छत्तीसगढ़ के जलाशयों की स्थिति संतोषजनक है। यहां छह बांधों में औसतन 53.75% पानी है, जो पिछले साल 32.68% के मुकाबले बेहतर है।
दुधावा बांध: सबसे आगे, 75.15% भरा हुआ है।
अन्य बांध: सोंढूर में 63.93%, मिनी माटो बांगो में 53%, तांदुला में 43.08%, महानदी मुख्य भंडार में 42.81% और सिकासर में 41% पानी उपलब्ध है।
Updated on:
22 Jun 2026, 5:14 AM IST
Published on:
22 Jun 2026, 5:14 AM IST
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