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TMC के नाम-चिन्ह को लेकर ममता बनर्जी ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा तो BJP के मंत्री बोले- ऐसा करते-करते चुनाव निकल जाएगा

TMC Name Symbol Dispute: ममता बनर्जी ने टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। 6 अक्टूबर के उपचुनाव से पहले जानें पूरा विवाद।
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भारत

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Mukul Kumar

Sep 19, 2026

Mamata Banerjee Statement

ममता बनर्जी। (फोटो-ANI)

TMC Symbol Freeze: पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले पूर्व सीएम ममता बनर्जी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अब उनके पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह का विवाद सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है।

चुनाव आयोग के फैसले के बाद उनकी ओर से अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है। इसी बीच पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने इस कदम पर तंज कसते हुए कहा कि अगर मामला इसी तरह चलता रहा तो चुनाव निकल जाएगा और पार्टी न उम्मीदवार उतार पाएगी, न चुनाव लड़ पाएगी।

चुनाव से पहले नाम और निशान का संकट

पश्चिम बंगाल में होने वाले उपचुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा सवाल अब पार्टी की पहचान को लेकर है। चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के नाम और पारंपरिक ‘फूल और घास’ वाले चुनाव चिन्ह को अंतरिम तौर पर फ्रीज कर दिया। आयोग का यह फैसला पार्टी के भीतर चल रहे दो गुटों के विवाद के बीच आया।

दोनों गुट को क्या-क्या मिला सिंबल?

इसके बाद दोनों गुटों को अलग नाम और चुनाव चिन्ह चुनने का निर्देश दिया गया। शुक्रवार को आयोग ने ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह दिया। दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ निशान मिला।

ममता ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

ममता बनर्जी के खेमे ने आयोग के इस फैसले को स्वीकार करने के बजाय सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। याचिका में आयोग के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसके तहत ममता गुट को मूल टीएमसी नाम और उसके पारंपरिक चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया गया है। मामले को जल्द सुनवाई के लिए 21 सितंबर को चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली पीठ के सामने रखा जा सकता है।

यह कानूनी लड़ाई ऐसे समय शुरू हुई है, जब पश्चिम बंगाल में उपचुनाव की तैयारियां चल रही हैं। इसलिए पार्टी के नाम और निशान को लेकर अंतिम स्थिति का चुनावी तैयारियों पर सीधा असर पड़ सकता है।

6 अक्टूबर के उपचुनाव पर नजर

अब सबसे ज्यादा ध्यान आगामी उपचुनावों पर है। चुनाव आयोग की ओर से दिए गए नए नाम और निशान फिलहाल इन चुनावों के लिए लागू किए गए हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई यह तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है कि ममता खेमे की आगे की रणनीति क्या होगी।