
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
MEA Spokesperson Randhir Jaiswal Statement: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आसमान छूती महंगाई, बुनियादी सुविधाओं के अभाव और पाकिस्तानी प्रशासन के दमनकारी रवैये के खिलाफ चल रहा जन-आंदोलन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंज रहा है। इस पूरे घटनाक्रम पर भारत सरकार ने बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक महत्वपूर्ण प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि PoK में जारी अशांति और विरोध प्रदर्शन वहां के नागरिकों पर दशकों से किए जा रहे अत्याचारों और संसाधनों की बेरहमी से की जा रही व्यवस्थित लूट का स्वाभाविक परिणाम है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार PoK के विभिन्न हिस्सों, जैसे रावलकोट, मीरपुर, कोटली और नीलम घाटी से आ रही रिपोर्टों पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा निर्दोष और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर की जा रही क्रूरता और बल प्रयोग बेहद चिंताजनक है। पाकिस्तान वहां हो रहे गंभीर मानवाधिकारों के हनन को दुनिया से छिपाने की जितनी भी कोशिश करे, उसकी असलियत अब सबके सामने आ चुकी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पुरजोर अपील की है कि वे इस बर्बरता और दमनकारी नीतियों के लिए इस्लामाबाद को जिम्मेदार ठहराएं।
रणधीर जायसवाल ने अपने संबोधन में पाकिस्तान द्वारा इस क्षेत्र के आर्थिक और प्राकृतिक शोषण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान दशकों से इस विवादित और अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्र से बिजली, पानी और अन्य मूल्यवान प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहा है, जबकि वहां के मूल निवासियों को बुनियादी हक और राशन तक के लिए तरसना पड़ रहा है। जायसवाल ने जोर देकर कहा कि यह विद्रोह किसी बाहरी उकसावे का नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अपने ही नागरिकों के प्रति अपनाए गए दमनकारी दृष्टिकोण का नतीजा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत ने एक बार फिर पूरी दुनिया को अपना स्पष्ट संदेश दिया कि संपूर्ण जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का हिस्सा भारत का अभिन्न और अटूट अंग है, और इस पर पाकिस्तान का जबरन और अवैध कब्जा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान द्वारा कश्मीर राग अलापने के प्रयासों के बीच, भारत का यह आक्रामक पलटवार इस्लामाबाद के झूठे नैरेटिव को पूरी तरह ध्वस्त करता है। भारत ने दोटूक कहा है कि पाकिस्तान को दूसरों को नसीहत देने के बजाय पहले अपने अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में नागरिकों को उनका बुनियादी अधिकार देना चाहिए।
Published on:
09 Jun 2026 05:17 pm
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