
PSA केस में मेहराज मलिक के 8 महीनों बाद निर्दोष साबित होने पर अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया
Mehraj Malik PSA case: जम्मू कश्मीर में पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। इस कानून के इस्तेमाल को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक पर लगाए गए PSA को रद्द कर दिया। इसके बाद आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है। उन्होंने उन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें थानेदार होना चाहिए।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को प्रधानमंत्री पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक को Public Safety Act (PSA) के तहत हिरासत में लेने के पीछे केंद्र सरकार जिम्मेदार है। कोर्ट के फैसले के बाद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए मोदी की आलोचना की और उन पर “गैरकानूनी आदेश” देने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि वह गलती से प्रधानमंत्री बन गए, उन्हें तो थानेदार होना चाहिए था। एक और पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ट्रम्प के सामने भीगी बिल्ली बनने वाला शख्स विपक्ष के नेताओं को झूठे मामलों में जेल में डालता है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट ने AAP नेता मेहराज मलिक की Public Safety Act (PSA) के तहत हुई हिरासत को रद्द कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि यह आदेश कानूनी रूप से सही नहीं था और इसे बिना ठीक से विचार किए जारी किया गया था। जस्टिस मोहम्मद यूसुफ वानी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मलिक को तुरंत रिहा किया जाए।
AAP नेता मेहराज मलिक को 8 सितंबर 2025 को “शांति और व्यवस्था बिगाड़ने” के आरोप में PSA के तहत हिरासत में लिया गया था। डोडा पुलिस ने उनके खिलाफ रिपोर्ट बनाई, जिसके बाद जिला प्रशासन ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दे दिया। इसके बाद मलिक को कठुआ जेल में रखा गया और बिना किसी ट्रायल के नजरबंद रखा गया। उसके बाद मलिक ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान मामला पहले जम्मू में चल रहा था, फिर उसे कश्मीर भेज दिया गया। आखिर में कोर्ट ने कहा कि हिरासत का फैसला गलत था और जस्टिस मोहम्मद यूसुफ वानी ने मलिक को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और CPI(M) नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी (विजेता) ने इस मामले के बाद PSA कानून के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह कानून इतना सख्त है कि इसमें किसी व्यक्ति को बिना आरोप और बिना मुकदमे के दो साल तक हिरासत में रखा जा सकता है, जो ठीक नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि मेहराज मलिक को इस कानून के तहत हिरासत में लेना गलत था और यह इसका दुरुपयोग है। आगे उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि इस हिरासत के लिए जिम्मेदार लोग हाई कोर्ट के फैसले से एक महत्वपूर्ण सबक सीखेंगे और इस बात पर विचार करेंगे कि जम्मू-कश्मीर में इन कानूनों का किस तरह दुरुपयोग हो रहा है।
Updated on:
28 Apr 2026 10:05 am
Published on:
28 Apr 2026 08:39 am
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