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Nandigram Bypoll 2026: नंदीग्राम में गिरफ्तारी से मचा सियासी तूफान! संजय सरावगी के बयान ने बढ़ाई कांग्रेस-TMC की टेंशन

Milan Pradhan Arrest: नंदीग्राम की चुनावी तस्वीर में अचानक आया यह मोड़ कई सवाल छोड़ गया है। एक तरफ कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी, दूसरी ओर ममता बनर्जी का समर्थन। अब नजरें आगे की चुनावी रणनीति और कानूनी कार्रवाई पर हैं।
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भारत

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Manoj Vashisth

Sep 19, 2026

Sanjay Saraogi,

Sanjay Saraogi,

Nandigram Congress Candidate: नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस कार्रवाई को पुराने आपराधिक मामलों और लंबित वारंट से जोड़ते हुए कानून के तहत हुई गिरफ्तारी बताया। वहीं, विपक्ष की ओर से गिरफ्तारी के समय और परिस्थितियों पर सवाल उठाए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच नंदीग्राम का मुकाबला अब केवल चुनावी लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का भी केंद्र बन गया है।

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने IANS X पर इस कार्रवाई को पुराने आपराधिक मामलों और लंबित वारंट से जोड़ते हुए कानून के तहत हुई गिरफ्तारी बताया। वहीं, विपक्ष की ओर से गिरफ्तारी के समय और परिस्थितियों पर सवाल उठाए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच नंदीग्राम का मुकाबला अब केवल चुनावी लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का भी केंद्र बन गया है।

Nandigram Bypoll 2026: नंदीग्राम गिरफ्तारी पर संजय सरावगी का पलटवार

पटना में बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि प्रधान के खिलाफ तीन अलग-अलग हत्या के मामले लंबित थे और गंभीर धाराओं से जुड़े मामलों में वारंट भी जारी थे। सरावगी के मुताबिक, ऐसी स्थिति में पुलिस की ओर से गिरफ्तारी किया जाना कानून की प्रक्रिया का हिस्सा है।

सरावगी ने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सवालों पर पलटवार करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामले और वारंट थे या नहीं। उन्होंने राहुल गांधी और ममता बनर्जी के बयानों का हवाला देते हुए पूछा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी वारंट लंबित है, तो क्या पुलिस को कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।

हालांकि, इस मामले में कांग्रेस और ममता बनर्जी की ओर से गिरफ्तारी के समय और परिस्थितियों पर सवाल उठाए गए हैं। आपको बता दें कि मिलन प्रधान को 2007 से जुड़े तीन हत्या मामलों में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी उस समय हुई जब ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार के चुनाव मैदान से हटने के बाद प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की थी। विपक्ष ने इस घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताया है।

नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को विधानसभा उपचुनाव होना है। इस सीट पर मुकाबला पहले ही दिलचस्प हो चुका है। तृणमूल कांग्रेस के एक धड़े की उम्मीदवार संचित प्रधान डे ने नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान किया। दूसरी ओर भाजपा ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है।

यानी नंदीग्राम में अब चुनावी समीकरण लगातार बदल रहे हैं। उम्मीदवारों की स्थिति, दलों के बीच समर्थन और कानूनी घटनाक्रम ने इस उपचुनाव को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है।

बिहार में बाढ़ पर भी सरावगी का बड़ा ऐलान

पटना में सरावगी ने बिहार की बाढ़ स्थिति को लेकर भाजपा की ओर से आर्थिक सहायता की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि बिहार भाजपा ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये दिए हैं। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने अपने तीन महीने के वेतन के बराबर 6.35 लाख रुपये राहत कोष में देने की घोषणा की थी।

सरावगी के अनुसार, बिहार के भाजपा सांसद, विधायक और विधान पार्षद भी एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की बात कह चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित परिवारों को अब तक 550 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी गई है और प्रत्येक प्रभावित परिवार को 7,000 रुपये की मदद दी गई है। राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई, चिकित्सा सुविधाओं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है, जबकि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव अभियान में लगी हैं।