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घड़ी गिफ्ट करने के लिए मांगा था पता, उसी WhatsApp मैसेज ने खोल दिया NEET पेपर लीक का राज

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। एक वॉट्सऐप मैसेज और Mygate ऐप की मदद से प्रोफेसर कुलकर्णी और मनीषा हवालदार के नेटवर्क का हुआ पर्दाफाश, जिनका कनेक्शन राजस्थान के झुंझुनूं और सीकर तक मिले हैं।
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भारत

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Pratiksha Gupta

Aug 08, 2026

Rajasthan NEET paper leak trail, Sikar Jhunjhunu NEET connection, NTA subject expert paper leak

NEET पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा हवालदार | फाइल फोटो

Manisha Havaldar:NEET पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एक छोटे से वॉट्सऐप मैसेज और आवासीय सोसाइटियों में इस्तेमाल होने वाले 'Mygate' ऐप की एंट्री डिटेल्स ने इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया है। जांच में सामने आया है कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी NTA के ही सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स ने पैसों के लालच में आकर पेपर लीक कर दिया। इस फर्जीवाड़े के तार महाराष्ट्र से लेकर राजस्थान के झुंझुनूं और सीकर जिलों तक जुड़े मिले हैं।

एक घड़ी के तोहफे से पकड़ा गया सुराग

मामले की जांच तब शुरू हुई जब CBI की नजर प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के फोन पर आए एक वॉट्सऐप मैसेज पर पड़ी। एक छात्र के माता-पिता ने प्रोफेसर कुलकर्णी से एक घड़ी उपहार में देने के लिए उनके घर का पता मांगा था। शक होने पर CBI ने प्रोफेसर की सोसाइटी के 'Mygate' ऐप के रिकॉर्ड खंगाले। तब उससे पता चला कि परीक्षा से ठीक पहले कई छात्र-छात्राएं प्रोफेसर के फ्लैट पर आए थे। उनके मोबाइल लोकेशन से भी इस बात की पुष्टि हो गई।

होटल में बनाए जाते थे पर्चे, 'स्पेशल क्लास' के नाम पर खेल

CBI के अनुसार, NTA की तरफ से केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) का पेपर सेट करने वाले प्रोफेसर कुलकर्णी और उनके साथियों ने प्रश्न पत्र बनाते समय ही सवालों को याद कर लिया था या किसी किताब में मार्क कर लिया था। बाद में एक होटल में रुककर इन सवालों के हस्तलिखित नोट्स तैयार किए गए। फिर प्रोफेसर ने परीक्षा से ठीक पहले 'स्पेशल क्लास' के नाम से वॉट्सऐप ग्रुप बनाया और वहां छात्रों को लीक सवाल दिए। इसके बदले छात्रों के परिजनों से मोटी रकम सीधे या उनके संपर्कों के माध्यम से वसूली गई।

25 हजार में बिका था फिजिक्स का पेपर

सिर्फ केमिस्ट्री ही नहीं, बल्कि फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) का पेपर भी NTA पैनल में शामिल महिला प्रोफेसर मनीषा हवालदार ने लीक किया था। उन पर अंग्रेजी से मराठी अनुवाद और प्रश्न सेट करने की जिम्मेदारी थी। आरोप है कि सिर्फ 25 हजार रुपये के चक्कर में एक छात्र की मां को फिजिक्स के पेपर के सवाल दे दिए। इसके बाद में यह पेपर अन्य कोचिंग संचालकों तक पहुंचा और बोल-बोलकर छात्रों को लिखवाया गया।

राजस्थान के झुंझुनूं और सीकर तक जुड़ा था नेटवर्क

CBI की चार्जशीट के अनुसार, परीक्षा से सिर्फ चार दिन पहले एक काले रंग की वर्ना कार में लीक पेपर के 11 सेट राजस्थान के झुंझुनूं पहुंचाए गए थे। जांच में सीकर के रहने वाले मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल के परिवार को इस पूरे खेल का मुख्य जरिया पाया गया है। इनके पास से फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के पूरे सिलेबस को कवर करने वाली प्रिंटेड सामग्री भी जब्त की गई थी।