
नेपाल के नुवाकोट में बाढ़ के बाद तबाही का मंजर। (Photo- IANS)
Nepal Flood Missing Persons : नई दिल्ली। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। अपनों की तलाश में परिजन हर संभव रास्ता अपना रहे हैं। इसी बीच एक बेटे ने अपने लापता माता-पिता का पता लगाने के लिए तकनीकी मदद की उम्मीद में Apple से सार्वजनिक अपील की है। बेटे का कहना है कि उसके माता-पिता दोनों iPhone इस्तेमाल करते हैं और यदि उनके डिवाइस से जुड़ी कोई कानूनी रूप से साझा की जा सकने वाली जानकारी मिल सके तो उनके ठिकाने का सुराग मिलने की उम्मीद है।
निजी कंपनी में फ्रंटएंड इंजीनियर के तौर पर काम करने वाले अंकुर पाटनकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक बेहद भावुक और तकनीकी अपील साझा की है। अंकुर के पिता सतीश विनायक पाटनकर और माता रेखा सतीश पाटनकर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास तिमुरे और रसुवागढ़ी इलाके में आई तबाही के बाद से ही दोनों का कोई सुराग नहीं मिला है।
अंकुर ने अपनी पोस्ट में एप्पल के अधिकारियों से खास तौर पर मदद की अपील की है। उन्होंने कहा कि वह कंपनी से उसकी गोपनीयता नीतियों को दरकिनार कर निजी जानकारी सीधे उन्हें देने के लिए नहीं कह रहे हैं। उनकी मांग है कि एप्पल भारत और नेपाल के अधिकारियों के साथ तत्काल समन्वय करे और यह पता लगाने में मदद करे कि उनके माता-पिता के आईफोन या एप्पल की सेवाओं से जुड़ी ऐसी कौन सी जानकारी है, जिसे कानून के दायरे में जांच एजेंसियों के साथ साझा किया जा सकता है।
अंकुर के मुताबिक, अगर उनके माता-पिता के फोन का आखिरी नेटवर्क कनेक्शन या कोई अन्य उपलब्ध डिजिटल लोकेशन संकेत मिल जाए तो इतने बड़े और दुर्गम इलाके में चल रही तलाश को एक दिशा मिल सकती है।
अंकुर ने बताया कि उनके पास माता-पिता के एप्पल अकाउंट की जानकारी आईएमईआई नंबर या डिवाइस के सीरियल नंबर उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, उनके पास माता-पिता के नाम, भारतीय मोबाइल नंबर, पासपोर्ट और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने एप्पल के सीईओ टिम कुक समेत क्रेग फेडेरिघी, एडी क्यू और जॉन टर्नस को अपनी पोस्ट में टैग किया और अपील की कि यदि यह संदेश कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचता है तो इसे एप्पल की इमरजेंसी या लाइफ-सेफ्टी टीम तक पहुंचाया जाए।
पाटणकर परिवार की यह अपील अकेली नहीं है। नेपाल में आई बाढ़ के बाद कई देशों के नागरिकों के परिजन अपने लापता रिश्तेदारों की तलाश में डिजिटल लोकेशन सेवाओं का सहारा ले रहे हैं। अमरीका में भी कुछ परिवारों ने एप्पल के Find My फीचर से मिले आखिरी लोकेशन संकेतों को तलाश में महत्वपूर्ण सुराग बताया है। NBC की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ के बाद लापता 50 वर्षीय अमरीकी नागरिक जीवन ज्योति के एक परिचित ने बताया कि Find My iPhone पर उनकी आखिरी लोकेशन प्रभावित इलाके के एक होटल में दिखाई दी थी। बाद में उस होटल के बाढ़ में नष्ट होने की पुष्टि हुई।
एप्पल आम तौर पर परिवार के किसी सदस्य की अनौपचारिक मांग पर यूजर का निजी डेटा साझा नहीं करता। कंपनी की गोपनीयता नीति के तहत ऐसी जानकारी की सुरक्षा की जाती है। हालांकि, कानून के तहत वैध अनुरोध मिलने पर एप्पल कुछ सूचनाएं कानून प्रवर्तन और सरकारी एजेंसियों के साथ साझा करने की प्रक्रिया रखता है। यही वजह है कि अंकुर की अपील सीधे एप्पल से निजी डेटा मांगने के बजाय भारतीय और नेपाली अधिकारियों के साथ कंपनी के समन्वय पर केंद्रित है। उनका कहना है कि यदि कानून के तहत कोई जानकारी जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराई जा सकती है, तो वह उनके माता-पिता की तलाश में अहम साबित हो सकती है।
Updated on:
01 Sept 2026 10:42 am
Published on:
01 Sept 2026 10:42 am
