
नितिन गडकरी (फाइल फोटो - आईएएनएस)
Nitin Gadkari Office Statement: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान को लेकर उनके राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठने लगे थे। अब उनके कार्यालय ने इस पर सफाई दी है। गडकरी के दफ्तर ने कहा कि उनके बयान का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने यह बात लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के कामकाज के संदर्भ में कही थी। गडकरी ने नई पीढ़ी को ज्यादा जिम्मेदारी देने की बात कही थी। उनके इस बयान को कुछ मीडिया रिपोर्टों में राजनीतिक रिटायरमेंट से जोड़कर देखा गया था।
गडकरी ने महाराष्ट्र के नागपुर जिले के काटोल में एक कार्यक्रम को संबोधित किया था। यह कार्यक्रम एकलव्य एकल विद्यालय के शिक्षक और पर्यवेक्षक प्रशिक्षण से जुड़ा था। इसी दौरान उन्होंने नई पीढ़ी को आगे आने की बात कही। उन्होंने कहा कि अब वह पहले की तरह ज्यादा काम नहीं कर सकते। गडकरी ने कहा कि नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने की जरूरत है। नए लोग आगे आएं और पुरानी पीढ़ी उनका मार्गदर्शन करे। उन्होंने कहा कि इसी तरह काम आगे बढ़ेगा। इससे संस्था का भी विस्तार होगा। गडकरी ने यह इच्छा भी जताई कि महाराष्ट्र का कोई भी आदिवासी गांव शिक्षा से वंचित न रहे।
गडकरी के कार्यालय ने बताया कि उनका बयान लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के संदर्भ में था। यह संस्था आदिवासी इलाकों में काम करती है। ट्रस्ट की ओर से आदिवासी क्षेत्रों में एकलव्य एकल विद्यालय चलाए जाते हैं। गडकरी लंबे समय से इस संस्था के काम से जुड़े रहे हैं। कार्यालय के मुताबिक, गडकरी ट्रस्ट के भविष्य और उसके कामकाज को लेकर बात कर रहे थे। इसी संदर्भ में उन्होंने नई पीढ़ी को ज्यादा जिम्मेदारी देने की बात कही।
गडकरी के कार्यालय ने कहा कि कुछ टेलीविजन चैनलों ने उनके बयान को संदर्भ से अलग करके पेश किया। इसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कुछ रिपोर्टों में उनके बयान को संभावित राजनीतिक रिटायरमेंट से जोड़कर देखा गया। कार्यालय ने अब साफ कर दिया है कि गडकरी की टिप्पणी का उनकी राजनीति से कोई संबंध नहीं था।
गडकरी के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में उनके रिटायरमेंट को लेकर अटकलें लगने लगी थीं। इसकी एक वजह उनका यह कहना था कि अब वह पहले की तरह ज्यादा काम नहीं कर सकते। उन्होंने इसके साथ ही नई पीढ़ी को आगे आने और जिम्मेदारी संभालने का मौका देने की बात कही थी।
हालांकि, गडकरी के कार्यालय ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है। कार्यालय के मुताबिक, बयान को राजनीतिक नजरिए से देखना सही नहीं है। गडकरी की ओर से भी राजनीति से संन्यास लेने की कोई घोषणा नहीं की गई है।
इस पूरे विवाद के बाद अब उनके कार्यालय ने बयान का संदर्भ स्पष्ट कर दिया है। उसके मुताबिक, गडकरी की बात का केंद्र लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट और आदिवासी क्षेत्रों में उसके काम का भविष्य था, न कि उनका राजनीतिक करियर।
Updated on:
25 Aug 2026 03:23 pm
Published on:
25 Aug 2026 03:14 pm
