
शहजाद पूनावाला ने बीजेपी से दिया इस्तीफा (Photo-IANS)
Shehzad Poonawalla Resigns From BJP: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोमवार को BJP अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना इस्तीफा सौंपते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से हटने का ऐलान किया। पूनावाला ने कहा कि यह फैसला उन्होंने लंबे विचार-विमर्श के बाद लिया है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उनका इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या BJP की विचारधारा से दूरी नहीं है। इस दौरान उन्होंने बीजेपी छोड़ने का कारण भी बताया।
एक इंटरव्यू के दौरान शहजाद पूनावाला ने कहा कि प्रवक्ताओं को सैलरी नहीं मिलती है। प्रवक्ता का पद एक स्वैच्छिक पद है। उन्होंने कहा कि मैं अपने फैसले पर टिका हुआ हूं।
एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में पूनावाला ने कहा कि वह करीब दो साल से पार्टी छोड़ने पर विचार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2024 से ही वह दोबारा नौकरी करने और अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने की योजना बना रहे थे।
उन्होंने कहा कि राजनीति में उन्होंने 24 घंटे, सातों दिन और पूरे साल काम किया। जब उनके सामने नौकरी और राजनीति में से किसी एक को चुनने की स्थिति आई, तो उन्होंने नौकरी पर लौटने का फैसला किया।
पूनावाला ने कहा कि उन्होंने पहली बार 30 जुलाई को इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था। इसके बाद उन्होंने काफी सोच-विचार किया, लेकिन अंततः इस्तीफे के फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया।
पूनावाला ने बताया कि उनके इस्तीफे के पीछे मुख्य वजह आर्थिक और निजी परिस्थितियां हैं। उन्होंने कहा कि अब वह निजी क्षेत्र में नौकरी करने जा रहे हैं और अपने वित्तीय हालात को संभालना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं संगठन से अलग हो रहा हूं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के लोगों और विचारधारा से नहीं।
शहजाद पूनावाला ने BJP के सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी संभालने की अटकलों को भी खारिज किया। अमित मालवीय को हटाए जाने के बाद पार्टी ने दीपक म्हास्के को सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया है। उनके साथ प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को सह-संयोजक बनाया गया है।
जब पूनावाला से पूछा गया कि क्या वह इस पद के लिए इच्छुक थे, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इसमें कोई रुचि नहीं थी। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया की जिम्मेदारी बाहर से जितनी आकर्षक दिखती है, वास्तव में उतनी ही कठिन है।
इस्तीफा देने से एक दिन पहले पूनावाला ने इंस्टाग्राम पर ‘द मैनिफेस्टो’ नाम से एक नई पहल शुरू की थी। इसमें उन्होंने खास तौर पर मध्यम वर्ग से जुड़े मुद्दे उठाए।
उन्होंने सवाल किया कि भारत में टैक्स देने वाले लोगों को क्या उन देशों के बराबर सुविधाएं और बुनियादी ढांचा मिलता है, जहां टैक्स की दरें समान हैं। उन्होंने सड़कों, स्कूलों, बुनियादी ढांचे, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए।
Updated on:
18 Aug 2026 10:26 am
Published on:
18 Aug 2026 10:26 am
