
October Weather Update
Sudden Snowfall in North India: अक्टूबर का मध्य आते-आते उत्तर भारत के मौसम ने ऐसा रुख अपनाया है कि लोग चौंक गए हैं। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी शुरू हो गई तो मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं ने दोपहर की गर्मी छीन ली। सुबह-शाम हल्के ऊनी कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट के मुताबिक यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं का नतीजा है। दिल्ली से लेकर राजस्थान और मध्य प्रदेश तक तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। यह संकेत है कि सर्दी अब दूर नहीं।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा आंकड़ों और क्षेत्रीय रिपोर्टों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर भारत में सर्दी ने औपचारिक रूप से दस्तक दे दी है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में 15-16 अक्टूबर को बारिश के साथ बर्फबारी हुई। लाहौल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और किन्नौर के कई हिस्सों में सफेद चादर बिछ गई। कोकसर और केलांग में दो से पांच सेंटीमीटर तक बर्फ जमा होने की जानकारी मिली है। उत्तराखंड के ऊंचे क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहा और ठंडी हवाओं ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित किया।
पहाड़ों से निकलने वाली ये ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंचीं। दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में आसमान बादलों से ढका रहा। हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ हवा की रफ्तार 15 से 18 किलोमीटर प्रति घंटा तक रही। दोपहर की तीखी धूप गायब हो गई और लोग पंखे बंद करने लगे। अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, जो सामान्य से कम है। सुबह जल्दी दफ्तर जाने वाले और रात को बाहर निकलने वाले लोगों को ठंड का अहसास साफ हो रहा है।
आईएमडी के अनुसार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी 16 अक्टूबर को बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 18 अक्टूबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर दिखेगा। पूर्वी राजस्थान में हवा की गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा और कभी-कभी 50 किलोमीटर तक पहुंच सकती है। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और छिटपुट बारिश का अनुमान है।
वहीं दक्षिण भारत का मौसम बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रहा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में 16 से 18 अक्टूबर के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी है। कर्नाटक के आंतरिक और तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंके 60 किलोमीटर तक पहुंच सकते हैं। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर और दक्षिण के मौसम में यह अंतर सामान्य पश्चिमी विक्षोभ और मानसून की वापसी की प्रक्रिया का हिस्सा है।
Updated on:
16 Oct 2026 07:40 am
Published on:
16 Oct 2026 07:32 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
