
मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी (File Photo)
Parliament Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र आज से शुरू होने वाला है। राम मंदिर चंदा चोरी मामले और नीट पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में है। उधर, कॉकरोच जनता पार्टी ने भी आज संसद तक मार्च का ऐलान किया है। सत्र का पहला दिन हंगामे के साथ शुरू होने के आसार हैं, लेकिन इस बार विपक्ष बजट सत्र के मुकाबले बिखरा-बिखरा नजर आ सकता है। पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों के चुनाव के बाद निचले सदन की स्थिति बिल्कुल बदल गई है।
अप्रैल में हुए संसद के विशेष सत्र के बाद अब तक 37 विपक्षी सांसद NDA के खेमे में आ चुके हैं। इससे मोदी सरकार को महिला आरक्षण कानून को आगे बढ़ाने और संसद व विधानसभाओं की सीटें बढ़ाने वाला विधायी पैकेज फिर पेश करने में मदद मिल सकती है। जोकि विशेषसत्र के दौरान सदन में दो तिहाई बहुमत नहीं होने के कारण गिर गया था। लेकिन, सरकार से जुड़े लोगों का कहना है कि जब तक वह नंबर को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो जाते, सदन में विधेयक को पेश नहीं किया जाएगा।
संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष का तेवर कैसा रहने वाला है। इस बात का पता बीते रविवार को सर्वदलीय बैठक के दौरान ही चल गया था। सर्वदलीय बैठक में टीएमसी के बागी नेताओं को अलग से आमंत्रित किए जाने पर विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। डीएमके और आम आदमी पार्टी, जो पहले से ही इंडिया गठबंधन की बैठकों से दूरी बनाए हुए थीं, उन्होंने भी बैठक छोड़ दी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखकर राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
दिलचस्प बात यह है कि परिसीमन बिल पर विपक्ष एकजुट नहीं दिख रहा। एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने साफ कहा है कि यदि बिल में सभी राज्यों के लिए 50 फीसदी सीटें बढ़ाने का प्रावधान साफ तौर पर लिखा जाए, तो उनकी पार्टी समर्थन करेगी। डीएमके, जो पहले परिसीमन का कड़ा विरोध करती थी, तमिलनाडु में सत्ता गंवाने के बाद अब नरम रुख अपना रही है।
Updated on:
20 Jul 2026 08:54 am
Published on:
20 Jul 2026 07:32 am
