
भारतीय पासपोर्ट। फोटो- (Image Source: ChatGPT)
पासपोर्ट को लेकर छिड़े विवाद ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। विदेश मंत्रालय ने 24 जून 2026 को पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर साफ कहा कि भारतीय पासपोर्ट मुख्य रूप से यात्रा का दस्तावेज है, यह भारत की नागरिकता साबित करने का प्रमाण नहीं है।
यह बयान मतदाता सूची संशोधन (SIR) और नागरिकता से जुड़ी बहस के बीच आया है। कई लोग पासपोर्ट को अपने भारतीय होने का सबसे मजबूत सबूत मानते थे।
इस पर विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने दो टूक कहा कि पासपोर्ट विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए है। विदेश में यह राष्ट्रीयता की पहचान करता है, लेकिन भारत में यह नागरिकता का अंतिम फैसला करने वाला दस्तावेज नहीं है।
इस बीच, भारत में चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार के फैसले को पलट दिया है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि एसआईआर के तहत, मतदाता सूची में अपनी पात्रता साबित करने के लिए मतदाताओं को जिन 12 मान्य सहायक दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, उनमें भारतीय पासपोर्ट भी शामिल है। इसके जरिए, वह भारतीय होने का प्रमाण दे सकते हैं।
आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड में SIR का काम शुरू होने जा रहा है।
इस दौरान बीएलओ (बूथ लेवल अफसर) घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगे, वे मृत/स्थानांतरित/डुप्लिकेट नाम वेरिफाई करके वोटर लिस्ट से हटाएंगे। साथ ही पात्र नए मतदाताओं को भी जोड़ेंगे।
Published on:
25 Jun 2026 08:09 pm
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