23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

PM मोदी ने शिक्षिका से पूछा- अच्छा वक्ता बनने के लिए क्या करूं? मिला ये जवाब

Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से संवाद किया। उन्होंने शिक्षा में नवाचार, तकनीक के उपयोग और विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर दिया। पीएम ने बच्चों को स्क्रीन टाइम की लत से बचाने और उनका बचपन सुरक्षित रखने में शिक्षकों व अभिभावकों की अहम भूमिका बताई।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Ashib Khan

•

Updated: 5 Sep 2026, 11:34 AM IST

Modi teachers interaction 7 Lok Kalyan Marg

पीएम नरेंद्र मोदी ने शिक्षकों से किया संवाद (Photo- x@narendramodi)

PM Modi Teachers' Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा में नवाचार, कक्षा में तकनीक के इस्तेमाल और विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। यह संवाद प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुआ।

शिक्षकों से संवाद करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज स्क्रीन टाइम एक तरह की लत बनता जा रहा है और बच्चों को इससे बाहर निकालने में शिक्षक और अभिभावक अहम भूमिका निभा सकते हैं।

‘बच्चों की जिंदगी से जुड़ें शिक्षक’

इस दौरान पीएम मोदी ने शिक्षा व्यवस्था में केवल पाठ्यपुस्तकों और पाठ्यक्रम तक सीमित रहने के बजाय बच्चों के वास्तविक जीवन से जुड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने ड्रेस कोड से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा कि कई बार नियम लागू तो कर दिए जाते हैं, लेकिन उनके पीछे की वजह को ठीक से समझाया नहीं जाता। ऐसे मामलों में जागरूकता की कमी दिखाई देती है।

बच्चों के बचपन को मरने नहीं देना है- पीएम मोदी

संवाद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमें बच्चों का बचपन मरने नहीं देना है। उसे बचाए रखने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षक निभा सकते हैं। शिक्षक का कर्तव्य है कि बच्चे के भीतर का बचपन जीवित रहे।

पीएम मोदी ने शिक्षका से पूछा- अच्छा वक्ता बनने के लिए क्या करूं?

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक शिक्षिका से अपने सार्वजनिक भाषण कौशल को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी मांगा।

पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में पूछा- अगर मैं आपका विद्यार्थी होता और एक अच्छा वक्ता बनना चाहता, तो आप मुझे क्या टिप देतीं? मुझे क्या करना चाहिए?

इस पर शिक्षिका ने जवाब दिया कि सबसे पहले आत्मविश्वास जरूरी है। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास लगातार अभ्यास करने से आता है।

शिक्षिका ने कहा कि सबसे पहले आपको आत्मविश्वास रखना होगा। आत्मविश्वास बहुत अभ्यास से आता है। हालांकि, मैं खुद भी थोड़ी नर्वस थी, क्योंकि आपके व्यक्तित्व का प्रभाव काफी है।

शिक्षकों ने साझा किए अपने अनुभव

मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं ने अपने शिक्षण अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए। शिक्षकों ने बताया कि किस तरह वे कक्षा में पढ़ाई को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के लिए नए-नए तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को विषय आसानी से समझाने, कक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक दिलचस्प बनाने के लिए अपनाई गई विभिन्न गतिविधियों और तकनीकों के उदाहरण भी शेयर किए।