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चुनाव परिणामों से इस तरह बदलेगी राज्य सभा की गणित, जानिए किसे फायदा और किसे नुकसान ?

Rajya Sabha seat reshuffle: विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद अब राज्यसभा की सियासी तस्वीर बदलने वाली है। अगले दो सालों में कई राज्यों में होने वाले चुनावों से सीटों का गणित बदलेगा।

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भारत

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Harshita Saini

May 05, 2026

Rajya Sabha seat reshuffle

राज्य सभा (सोर्स-IANS)

Rajya Sabha seat reshuffle: हालिया चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने देश की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है। इसका असर राज्य सभा की सीटों पर भी दिखने वाला है। वहीं अगले दो सालों में कई राज्यों में द्विवार्षिक चुनाव होंगे, जिसके बाद यह बदलाव और स्पष्ट होगा। अलग-अलग राज्यों में सीटों के बदलाव से उच्च सदन में कई पार्टियों की ताकत बदलने वाली है। कुछ पार्टियों को फायदा मिल सकता है, वहीं कुछ को नुकसान भी हो सकता है।

किन राज्यों की राज्य सभा सीटों पर होंगे चुनाव?

अगले दो सालों में केरल, असम, तमिलनाडु और पुदुचेरी की राज्य सभा की सीटों पर चुनाव होने हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में 2029 से पहले कोई चुनाव नहीं होगा, इसलिए वहां की मौजूदा स्थिति फिलहाल बनी रहेगी। 2029 से 2032 के बीच राज्य की सभी 16 सीटों पर एक साथ चुनाव होंगे।

किसे होगा फायदा, किसे नुकसान?

मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, अगले दो सालों में कांग्रेस की राज्य सभा में संख्या 29 से बढ़कर 32 तक पहुंच सकती है, जिससे उसे सीधा फायदा होगा। बीजेपी को भी एक सीट का फायदा मिल सकता है और उसकी संख्या 114 तक पहुंच सकती है। वहीं तमिलनाडु में DMK की सीटें 8 से घटकर 7 हो सकती हैं और AIADMK की संख्या 6 से घटकर 5 तक आ सकती है। इसके अलावा विजय की TVK के राज्य सभा में 3 सीटों के साथ एंट्री की संभावना जताई जा रही है, जो राज्य की राजनीति में नया फैक्टर बन सकता है।

केरल और असम में स्थिति

2027 और 2028 में केरल की कुल 6 राज्य सभा सीटों पर चुनाव होंगे, जिनमें कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF सभी सीटें जीत सकता है। एक सीट जीतने के लिए 36 वोट जरूरी होते हैं, जबकि LDF के पास 35 विधायक हैं। ऐसे में कांग्रेस को यहां से बड़ा फायदा और कुल मिलाकर 4 सीटों का सीधा-सीधा प्रॉफिट मिल सकता है।

वहीं असम में 2028 में होने वाले चुनावों में बीजेपी दोनों राज्य सभा सीटें जीतने की स्थिति में है। इससे पार्टी को प्रदेश से एक सीट का सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है और उसकी राज्य सभा में स्थिति और मजबूत होगी।

तमिलनाडु की 2028 में 6 सीटों पर चुनाव होने हैं, जहां मौजूदा समय में कांग्रेस के पास 1, DMK के पास 3 और AIADMK के पास 2 सांसद हैं। यहां का चुनाव परिणाम राज्य सभा के गणित में सबसे बड़ा बदलाव ला सकता है, क्योंकि सीटों का संतुलन बदलने की पूरी संभावना है। वहीं, पुदुचेरी में 2027 के चुनाव में एनडीए अपनी एक सीट फिर से जीत सकता है, इसलिए यहां कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।