सहकार से समृद्धि: सहकारिता आंदोलन रुकना नहीं चाहिए, इससे गरीबों-पिछड़ों का विकास होगा- अमित शाह

सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सहकारिता वाले कोई परिपत्र नहीं देखते। किसी भी तरह की आपदा आने पर मदद करने को तैयार हो जाते हैं। ये लोग बाढ़ हो, चक्रवात हो या किसी भी तरह की मदद की जरूरत, आगे आ जाते हैं।

 

By: Ashutosh Pathak

Published: 25 Sep 2021, 01:59 PM IST

नई दिल्ली।

भारत के पहले सहकारिता सम्मेलन का आयोजन शनिवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में हुआ। सहकार से समृद्धि के लक्ष्य पर आधारित सहकारिता मंत्रालय के पहले समागम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहकारिता से जुड़े लोगों को संबोधित कर रहे। अमित शाह सहकारिता मंत्रालय के पहले सहकारिता मंत्री भी हैं।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सहकारिता वाले कोई परिपत्र नहीं देखते। किसी भी तरह की आपदा आने पर मदद करने को तैयार हो जाते हैं। ये लोग बाढ़ हो, चक्रवात हो या किसी भी तरह की मदद की जरूरत, आगे आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। आज इस अवसर पर सरकार के आंदोलन को बल देने वाले सभी लोगों को याद करता हूं।

अमित शाह ने कहा, मैं इस आंदोलन को आगे बढ़ाने की कामना करता हंू। सहकारिता आंदोलन की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सहकारिता से लाखों परिवार जुड़े हैं। सहकारिता गरीबों और पिछड़ों के विकास के लिए है। सहकारिता भारत के संस्कारों में हैं। सबको साथ लेकर चलना है। गृह मंत्री ने कहा कि इफको ने गरीब क्रांति को एक नई दिशा देने का काम किया है।

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केंद्रीय गृह मंत्री जो पहले केंद्रीय सहकारिता मंत्री भी हैं, ने कहा कि सहकारिता गरीबों और पिछड़ों के विकास के लिए है। सहकारिता भारत के संस्कारों में हैं। सबको साथ लेकर चलना है। यह अभियान रुकना नहीं चाहिए। इसके काम का दायरा बढऩा चाहिए। सहकार से समृद्धि का नया मंत्र है। हम सभी को मिल-जुलकर एक लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम करना है।

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