
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (फोटो-X/@Wangchuk66)
Sonam Wangchuk Protest Support: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े किसी भी विदेशी कनेक्शन के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने उपलब्ध आंकड़ों, आंदोलन से जुड़े लोगों से बातचीत और मौके पर दिखाई देने वाली परिस्थितियों के आधार पर इस आंदोलन का समर्थन किया था।
प्रखर गुप्ता के साथ एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सोनम वांगचुक से CJP के फंडिंग और कथित विदेशी संबंधों को लेकर सवाल किया गया। बातचीत के दौरान उनसे पूछा गया, क्या आप CIA से जुड़े हैं? मुझे नहीं पता इसका और कैसे जवाब दूं, लेकिन आपका काम काफी सॉफिस्टिकेटेड लगता है, जैसा CIA से जुड़े किसी व्यक्ति का हो सकता है।
इस पर सामाजिक कार्यकर्ता वांगचुक ने मजाकिया अंदाज में अपना जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर मैं हूं तो मुझे अभी तक इसका पता नहीं चला है। शायद वे इतनी सॉफिस्टिकेटेड तरीके से भर्ती करते हैं कि उस व्यक्ति को तब तक पता ही नहीं चलता, जब तक उसकी मौत न हो जाए और 500 साल न बीत जाएं।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके की शैक्षणिक योग्यता और पाकिस्तान, बांग्लादेश या अमेरिका से कथित संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल पर वांगचुक ने कहा कि उन्होंने खुद कोई विस्तृत या तकनीकी जांच नहीं की थी।
पॉडकास्ट के दौरान वांगचुक ने कहा कि मैंने कोई सॉफिस्टिकेटेड रिसर्च सॉफ्टवेयर नहीं चलाया था। सोनम वांगचुक के मुताबिक, उन्हें अधिकारियों की ओर से यह बताया गया था कि CJP के सोशल मीडिया फॉलोअर्स की बड़ी संख्या बांग्लादेश, पाकिस्तान और अमेरिका में है। इसके बाद उन्होंने खुद आंदोलन से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स के एनालिटिक्स को देखा।
उन्होंने बताया कि आंकड़ों के मुताबिक करीब 94 प्रतिशत फॉलोअर्स भारत से थे, जबकि केवल 6 प्रतिशत दूसरे देशों से थे।
वांगचुक ने कहा कि अगर 30 प्रतिशत फॉलोअर्स विदेशों से और 70 प्रतिशत भारत से होते, तो उन्हें चिंता होती। लेकिन 94 प्रतिशत भारतीय और केवल 6 प्रतिशत विदेशी फॉलोअर्स होने के साथ-साथ जमीन पर जो स्थिति उन्होंने देखी, उससे उन्हें विदेशी हस्तक्षेप जैसा कुछ नहीं लगा।
उन्होंने मजाक में कहा कि उन्हें लगा कि भारत ही वास्तव में विश्वगुरु है। भारत से यह शुरू हुआ और अब पाकिस्तान में भी 'कॉकरोच जनता पार्टी' बन रही है। कम से कम विरोध-प्रदर्शन के मामले में भारत आगे है।
इस दौरान सोनम वांगचुक ने बताया कि उन्होंने CJP से जुड़े लोगों से फोन पर बातचीत भी की और उनसे कई सवाल पूछे। उनका कहना था कि बातचीत के दौरान उन्हें ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि ये लोग किसी विदेशी ताकत के इशारे पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी को उनके बर्गर खाने या उनके पुराने पेशे को लेकर आपत्ति हो सकती है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि उन्हें कोई बाहरी ताकत नियंत्रित कर रही है।
वांगचुक ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों, बातचीत और जमीन पर दिख रही परिस्थितियों के आधार पर उन्हें लगा कि आंदोलन में कोई गलत मंशा नहीं थी। इसलिए उन्होंने इसका समर्थन करने का फैसला किया।
उन्होंने बताया कि आंदोलन से जुड़े लोगों ने कहा था कि दिल्ली पहुंचने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने दो फैसले लिए पहला, वह उनके साथ आंदोलन में शामिल होंगे और दूसरा, अगर उन्हें गिरफ्तार किया गया तो वह उनके समर्थन में भूख हड़ताल करेंगे।
जब वांगचुक से पूछा गया कि क्या केवल दिखाए गए आंकड़ों के स्क्रीनशॉट के आधार पर उन्होंने आंदोलन से जुड़े लोगों पर भरोसा कर लिया था, तो उन्होंने कहा कि वह आगे की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि पीछे मुड़कर देखने पर भी उन्हें नहीं लगता कि आंदोलन से जुड़े लोगों को किसी बाहरी ताकत ने पैसे दिए थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने अपनी शैक्षणिक योग्यता या अन्य उपलब्धियों को लेकर बड़े दावे किए हैं और बाद में वे दावे छोटे या गलत साबित होते हैं, तो उनकी जांच होनी चाहिए।
वांगचुक ने कहा कि जो लोग नेतृत्व करते हैं, उन्हें झूठ नहीं बोलना चाहिए। अगर वे बड़े दावे करते हैं और वे छोटे साबित होते हैं, तो इसकी जांच होनी चाहिए।
Updated on:
03 Sept 2026 12:56 pm
Published on:
03 Sept 2026 12:56 pm
