31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से 38 हुई, संसद ने पास किया बड़ा बिल

राज्यसभा ने सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन बिल 2026 पास कर संख्या 34 से 38 की। लोकसभा पहले ही मंजूरी दे चुकी। इंफ्रा और वकीलों के चैंबर की कमी पर भी चर्चा हुई। पढ़ें पूरी खबर....
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Pushpankar Piyush

•

Updated: 5 Aug 2026, 6:30 PM IST

Arjun Ram

अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री (फोटो-IANS)

Number of Supreme Court judges increased: संसद ने सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी। विधेयक पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मुहर लगते ही अब सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस समेत कुल 38 जज हो जाएंगे। पहले यह संख्या 34 थी। बीते सोमवार को भारी हंगामे के बीच लोकसमभा में ध्वनि मत से इसे पास कर दिया था। आज कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में बिल पेश किया था। यह बदलाव 2019 के बाद पहली बार हुआ है। मई 2026 में सरकार ने अध्यादेश लाकर संख्या बढ़ाई थी। अब संसद ने उस अध्यादेश की जगह स्थायी कानून बना दिया।

BJD सांसद ने उठाया सवाल

राज्यसभा में चर्चा के दौरान बीजेडी सांसद सांस्मित पात्रा ने उच्चतम न्यायालय में जजों की संख्या बढ़ाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जजों की संख्या बढ़ाने के साथ अदालत का बुनियादी ढांचा भी मजबूत करना जरूरी है। पात्रा ने चीफ जस्टिस सूर्याकांत द्वारा 12 मई को बनाई गई ज्यूडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर एडवाइजरी कमेटी का जिक्र किया। इस कमेटी का काम सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारना है। उन्होंने पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के आकलन का भी जिक्र किया। चंद्रचूड़ ने बताया था कि सुप्रीम कोर्ट को 27 और कोर्ट रूम, 51 जजों के चैंबर, 4 रजिस्ट्रार कोर्ट रूम, 16 रजिस्ट्रार चैंबर, नया बार एसोसिएशन लाइब्रेरी और वकीलों के लिए अलग ऑफिस चाहिए।

वकीलों की समस्या का हो निदान

बीजू जनता दल के सांसद पात्रा ने वकीलों की समस्या को भी राज्यसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि अभी 234 चैंबर में 438 वकील काम कर रहे हैं। जरूरत 400 से 500 चैंबर की है। उन्होंने कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की मांग पर ध्यान देने की भी अपील की है।

पात्रा ने कहा कि आज संसद सिर्फ सुप्रीम कोर्ट की संख्या नहीं बढ़ा रही। यह देश के सबसे बड़े संवैधानिक संस्थान पर अपना भरोसा फिर से जता रही है। जब सुप्रीम कोर्ट मजबूत होगा, तो संविधान सुरक्षित रहेगा। और जब संविधान सुरक्षित रहेगा, तो भारत सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बिल का समर्थन किया।

मोदी सरकार ने बताया क्यों जरूरी था जजों की संख्या बढ़ाना

मोदी सरकार ने जजों की संख्या बढ़ाने को लेकर सदन में कहा कि मुकदमों का बोझ बढ़ने से जजों की संख्या बढ़ाना जरूरी हो गया था। अब नई संख्या से मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। लेकिन सांसदों ने साफ संकेत दिया कि सिर्फ संख्या बढ़ाने से काम नहीं चलेगा। अदालतों में जगह, सुविधाएं और बुनियादी ढांचा भी सुधारना होगा।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय