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कांग्रेस की ‘जिद’ या DMK की ‘अकड़’? तमिलनाडु चुनाव को लेकर सीट शेयरिंग पर खींचतान

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सत्तारूढ़ DMK और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर गतिरोध बरकरार है। कांग्रेस की 45 सीटों की मांग और एमके स्टालिन के कड़े रुख ने गठबंधन में हलचल बढ़ा दी है। क्या सुलझेगा सीटों का यह गणित या बदलेंगे चुनावी समीकरण? पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।

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DMK vs Congress: Tamil Nadu Assembly Election 2025 seat sharing discussion

आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए डीएमके कांग्रेस को अधिक सीटें देने को तैयार नहीं है। (Photo - IANS)

DMK vs Congress Seat Sharing Rift: तमिलनाडु में आगामी अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव संभावित हैं। ऐसे में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे और सत्ता में भागीदारी को लेकर अभी से रस्साकशी शुरू हो गई है। हाल ही में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात की थी, लेकिन अब तक किसी ठोस सहमति पर नहीं पहुंचा जा सका है।

बैठकों का दौर और सीटों का गणित

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडनकर और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई ने सोमवार को DMK नेता कनिमोई से मुलाकात की। कांग्रेस आगामी चुनावों के लिए अधिक सीटों की मांग कर रही है, जबकि DMK पिछली बार की तरह इस बार भी 25 सीटों से आगे बढ़ने को तैयार नहीं है।

  • स्टालिन-वेणुगोपाल मुलाकात: रविवार को चेन्नई में हुई बैठक के दौरान केसी वेणुगोपाल ने सीटों की संख्या बढ़ाने का मुद्दा उठाया। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में भी स्टालिन ने कांग्रेस को 25 सीटें दिए जाने का प्रस्ताव दिया। स्टालिन ने तर्क दिया कि इस बार गठबंधन में कुछ नए दल शामिल हुए हैं, जिन्हें सीटें देना जरूरी है।
  • कांग्रेस की मांग: इस बैठक के अगले ही दिन कांग्रेस ने 45 सीटों का प्रस्ताव रख दिया। कांग्रेस का तर्क है कि DMK पिछले विधानसभा चुनाव में जिन 40 सीटों पर हारी थी, उनमें से 20 सीटें कांग्रेस को दी जानी चाहिए। पार्टी का मानना है कि इन सीटों पर वह बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

सत्ता में भागीदारी पर पेंच

विवाद सिर्फ सीटों तक सीमित नहीं है, बल्कि 'गठबंधन सरकार' को लेकर भी है। हाल ही में एक निजी कार्यक्रम में एमके स्टालिन ने स्पष्ट कर दिया था कि सरकार में सत्ता की साझेदारी (Power Sharing) की कोई व्यवस्था नहीं होगी।

इसके विपरीत, कांग्रेस लगातार मांग कर रही है कि उसे राज्य की सत्ता में भागीदार बनाया जाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद पिछले कार्यकाल में कांग्रेस का कोई भी सदस्य मंत्री नहीं बना।

नए विकल्पों की तलाश?

DMK के साथ जारी इस तनातनी के बीच, राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं कि कांग्रेस अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के साथ गठबंधन की संभावनाएं तलाश सकती है।