
तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान (Photo - IANS)
HAL India: भारतीय वायुसेना को अनुबंधित समय पर तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान उपलब्ध नहीं कराने के कारण रक्षा मंत्रालय अब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर जुर्माना लगा सकता है। रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। भारतीय वायुसेना को 42 फाइटर स्क्वॉड्रनों की जरूरत है, जबकि वर्तमान में उसके पास 29 स्क्वॉड्रन ही हैं। भारतीय वायुसेना में तेजस के 11 स्क्वॉड्रन प्रस्तावित हैं, जिनमें से अभी तक केवल दो ही शामिल हो पाए हैं। लड़ाकू विमानों की डिलीवरी में देरी को लेकर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी कई बार नाराजगी जता चुके हैं। वहीं, इस संबंध में एचएएल का कहना है कि अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस ने इंजन आपूर्ति में देरी की है। इसके लिए एचएएल भी कंपनी पर पेनल्टी लगाने पर विचार कर रहा है।
एचएएल के साथ वायुसेना ने 180 एलसीए तेजस मार्क-1ए विमानों की खरीद का करार किया है। हालांकि, अभी तक एक भी विमान नहीं मिला है। जून में ही इसे लेकर एक समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में तेजस मार्क-1ए में लगे रडार और अन्य तकनीकी पहलुओं पर चर्चा होगी।
एचएएल की विभिन्न परियोजनाओं को लेकर सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें रक्षा सचिव, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस), वायुसेना प्रमुख, एचएएल के सीएमडी और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को उम्मीद है कि साल के अंत तक तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी शुरू हो जाएगी। फिलहाल एचएएल के पास छह इंजन उपलब्ध हैं और 18 विमानों का ढांचा तैयार है। ऐसे में साल के अंत तक करीब 24 विमान तैयार होने की संभावना है। वायुसेना कुछ मामलों में सीमित छूट देने पर विचार कर सकती है, लेकिन तकनीकी मानकों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी।
आपको बता दें कि तेजस के कई वेरिएंट हैं, तेजस मार्क-1, तेजस मार्क-1ए, तेजस ट्रेनर एयरक्राफ्ट और तेजस मार्क-2। इन वेरिएंट में तेजस मार्क-2 सबसे उन्नत होगा, जिस पर फिलहाल काम जारी है।
Published on:
08 Jun 2026 10:54 pm
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