27 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Parliament Session: एक प्रधानमंत्री हुए जो बहुत मजबूर थे… कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में किसके लिए कह दी ये बात

केन्द्रीय कृ​षि मंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने राजीव गांधी का नाम लिए बगैर ही उनकी टिप्पणी को उद्धृत करते हुए कहा कि एक रुपया भेजता हूं तो लोगों तक सिर्फ 15 पैसे ही पहुंचते हैं।
2 min read
Google source verification
Shivraj Singh Chauhan in parliament

Shivraj Singh Chauhan in Parliament

Parliament Session: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने मंगलवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए आक्रामक तेवर दिखाए। चौहान ने कहा कि हर पात्र किसान को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिले। इसके लिए हम राज्य सरकारों के साथ मिलकर अभियान चलाते हैं।

तमिलनाडु में मेरी बैठक में ना ही ग्रामीण विकास मंत्री आए और ना ही…

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने तमिलनाडु से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, मैं एक बार कृषि विभाग के कार्य और एक बार ग्रा​मीण विकास के कार्य से तमिलनाडु गया। दोनों बार ना तो वहां के ग्रामीण विकास मंत्री मेरी बैठक में आए और ना ही कृषि मंत्री बैठक में आए। मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर की टिप्पणी

शिवराज सिंह ने बेबाकी से कहा कि एक प्रधानमंत्री हुए थे, जो बहुत मजबूर थे, वह कहते थे कि एक रुपया भेजता हूं तो केवल 15 पैसा पहुंचता है, पर यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार है। हर साल 3 किस्तों में 6000 सीधे किसानों के खाते में जाते है, कोई गड़बड़ नहीं कर सकता।

शिवराज सिंह ने पीएम मोदी के कार्यों की तारीफ की

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रत्येक पात्र किसान को पीएम किसान निधि योजना का लाभ मिलें, इसके लिए कई उपाय किए हैं। पीएम किसान पोर्टल और मोबाइल एप विकसित किया है। इसके साथ ही पात्र किसानों के नाम जोड़ने के लिए तीन अभियान चलाए हैं। चौथा अभियान हम 15 अप्रैल से पुनः प्रारंभ करेंगे।

तमिलनाडु के किसानों को बताया कैसे करें आवेदन?

तमिलनाडु में भी कोई पात्र किसान बचा हो तो राज्य सरकार पोर्टल में अपडेट कर दें। आवेदन ऑनलाइन कॉमन सर्विस सेंटर से उनका अपलोड कर दें, उनके नाम निश्चित तौर पर जोड़ दिए जाएंगे। तमिलनाडु के ऐसे लगभग 14000 किसान हैं, तमिलनाडु सरकार छानबीन करके भेज दें ताकि इन सभी के नाम जोड़ दिए जाएं। दिल्ली से एक दिन की देरी भी नहीं होगी।