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TMC के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता का मामला, लोकसभा के नोटिस पर शत्रुघ्न सिन्हा बोले- सही दिशा में कदम

Shatrughan Sinha on TMC rebel MPs disqualification: तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता के मामले में लोकसभा सचिवालय ने नोटिस जारी किया है। शत्रुघ्न सिन्हा ने इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया और सांसदों से जवाब मांगा।
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Shatrughan Sinha

सांसद शत्रुघ्न सिन्हा। फोटो-आईएएनएस

Shatrughan Sinha on Rebel MP: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता के मामले में लोकसभा सचिवालय की ओर से नोटिस जारी किए जाने पर TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लोकसभा के इस कदम को महत्वपूर्ण और सही दिशा में उठाया गया कदम बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि बागी सांसदों को पार्टी छोड़ने और दूसरी पार्टी में शामिल होने के फैसले की वजह बतानी चाहिए।

शत्रुघ्न सिन्हा ने ANI से बातचीत में कहा, 'मेरा मानना है कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण और लंबे समय से प्रतीक्षित कदम है। मुझे लगता है कि यह सही दिशा में उठाया गया कदम है। हमारे बागी साथियों को जवाब देना होगा। माननीय लोकसभा अध्यक्ष ने उनसे उनकी प्रतिबद्धता और ऐसी पार्टी में शामिल होने के फैसले को लेकर सवाल किया है, जो देश में लगभग अनजान है।

20 बागी सांसदों को लोकसभा का नोटिस

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को TMC के 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी किया था। ये सांसद अब नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से जुड़े हैं। सभी सांसदों से नोटिस का जवाब सात दिनों के भीतर देने को कहा गया है। यह कार्रवाई TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के बाद हुई है। अभिषेक बनर्जी ने इन सांसदों की अयोग्यता की मांग की है। उनका आरोप है कि सांसदों ने TMC छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होकर संविधान के दल-बदल विरोधी प्रावधानों का उल्लंघन किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने भी मांगा है जवाब

इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी 20 बागी TMC सांसदों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अभिषेक बनर्जी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि इन सांसदों की अयोग्यता से संबंधित याचिकाओं पर फैसला लेने में देरी हो रही है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से लोकसभा अध्यक्ष को अयोग्यता की लंबित याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने का निर्देश देने की मांग की गई है।

इन सांसदों की अयोग्यता की मांग

जिन 20 सांसदों के खिलाफ अयोग्यता की मांग की गई है, उनमें काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय, प्रसून बनर्जी, रचना बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, पार्थ भौमिक, अरूप चक्रवर्ती, अधिकारी दीपक देव, सायनी घोष, बापी हलदर, मोहम्मद अबू ताहेर खान, कालीपद सरेन खेरवाल, आसित कुमार माल, जून मालिया, मिताली बाग, खलीलुर रहमान, माला रॉय, शर्मिला सरकार और यूसुफ पठान शामिल हैं। मामले में लोकसभा अध्यक्ष और लोकसभा महासचिव को मुख्य प्रतिवादी बनाया गया है। अब लोकसभा की ओर से जारी नोटिस के जवाब और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।