
अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां जोरो शोरों से चल रही है। देश के कौने कौने से लोग इस कार्यक्रम के लिए अपना अपना योगदान दे रहे हैं। गुजरात के सूरत में एक हीरा व्यापारी ने राम मंदिर की थीम पर हीरे का हार बनाया है। इस पूरे डिजाइन में 5,000 अमरीकी हीरों का इस्तेमाल किया गया है। हीरा व्यापारी ने इसे अयोध्या में राम मंदिर को उपहार में देने का फैसला किया है। व्यवसायी ने रामलला के लिए जो अनूठा प्रयास किया है उससे सभी लोगों का दिल जीत लिया। बता दें कि 22 जनवरी को ऐतिहासिक राम मंदिर का उद्घाटन होने जा रहा है और भगवान की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होगी।
राम मंदिर थीम पर तैयार किया ये खास हीरों का हार
रसेश ज्वेल्स के निदेशक कौशिक काकड़िया ने बताया कि राम मंदिर की थीम पर हीरे का हार बनाया गया है। इस पूरे डिजाइन में 5,000 अमरीकी हीरों का इस्तेमाल किया गया है। हीरा व्यापारी ने कहा कि यह किसी व्यावसायिक उद्देश्य के लिए नहीं है, हम इसे राम मंदिर को उपहार स्वरूप देना चाहते थे।
चांदी और सोने से तैयार किया राम दरबार
इस हार में 5 हजार अमरीकन डायमंड के अलावा दो किलो चांदी का भी इस्तेमाल किया गया है। 40 कारीगरों ने मिलकर इस अनोखे हार को 35 दिनों में तैयार किया है। इस हार की चेन में रामायण के पात्र बने हुए हैं। इसमें सोने और चांदी से शाही दरबार के साथ राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की मूर्तियां भी बनाई है।
प्राण प्रतिष्ठा के लिए 108 फीट लंबी महाअगरबत्ती की तैयारी
वडोदरा में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए 108 फीट लंबी और 3.5 फीट चौड़ी अगरबत्ती बनाई जा रही है। इसका वजन 3,428 किलोग्राम है। अगरबत्ती को 110 फीट लंबे ट्रेलर पर रखकर एक जनवरी को सड़क मार्ग से अयोध्या ले जाया जाएगा। यह रथ 16 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगा। अगरबत्ती 45 दिन तक जलती रहेगी।
पांच लाख रुपए का आया खर्चा
वडोदरा के तरसाली क्षेत्र निवासी विहाभाई करशनभाई भरवाड के अनुसार मई से उन्होंने घर के बाहर अगरबत्ती बनाने की शुरुआत की थी। अगरबत्ती बनाने पर करीब पांच लाख का खर्च आया है। पशुपालक व किसान भरवाड के अनुसार अगरबत्ती को अयोध्या पहुंचाने के लिए 110 फीट लंबे ट्रक-ट्रेलर पर रथ बनाने पर करीब 15 लाख रुपए खर्च होंगे।
इन सामग्रियों को किया गया इस्तेमाल
अगरबत्ती बनाने में 1475 किलो गिर गाय का गोबर, 191 किलो गिर गाय का घी, 280 किलो देवदार की लकड़ी, 376 किलो गुग्गल, 280 किलो तिल, 280 किलो जौ, 376 किलो खोपरे का पाउडर, 450 किलो हवन सामग्री, 250 किलो गुलाब के फूल, 200 किलो इत्र आदि सामग्री का उपयोग किया गया।
Published on:
19 Dec 2023 11:12 am
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