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ममता सरकार के फैसले को बदलेंगे CM शुभेन्दु अधिकारी, बदला जाएगा ‘जगन्नाथ धाम’ का नाम

सीएम शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि तत्कालीन बंगाल सरकार ने दीघा में जगन्नाथ मंदिर की स्थापना कर उसका नाम 'जगन्नाथ धाम' रखा गया था। अब बीजेपी सरकार इसका नाम बदलने जा रही है।
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कोलकाता

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Shaitan Prajapat

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Updated: 9 Jun 2026, 7:19 PM IST

CM Suvendu Adhikari

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी (सोर्स: ANI)

Change Name Jagannath Dham: पश्चिम बंगाल की कमान संभालने के बाद शुभेन्दु अधिकारी एक के बाद एक बड़े फैसले ले रहे हैं। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने हाल ही सीबीआई को जांच के लिए खुली छुट दी है। इसी कड़ी में उन्होंने एक और बड़ा फैसला लिया है। सीएम शुभेन्दु अब ममता बनर्जी की सरकार के फैसला बदलने जा रहे हैं। बता दें कि तत्कालीन बंगाल सरकार ने दीघा में जगन्नाथ मंदिर की स्थापना और उद्घाटन किया था। उसका नाम 'जगन्नाथ धाम' रखा गया था। अब बीजेपी सरकार इसका नाम बदलने जा रही है।

'हम धाम शब्द हटाएंगे, पूजा-अर्चना जारी रहेगी'

पुरबा मेदिनीपुर में मीडिया से करते हुए शुभेन्दु ने कहा कि मैं इस पत्र को स्वीकार कर रहा हूं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि तत्कालीन सरकार ने इसे सांस्कृतिक केंद्र के रूप में मान्यता दी थी। हम 'धाम' शब्द हटा देंगे। सांस्कृतिक केंद्र परिसर बना रहेगा और पूजा-अर्चना जारी रहेगी। पूरा परिसर मंदिर के रूप में कार्य करेगा, लेकिन 'धाम' शब्द हटा दिया जाएगा। मुझे भी लगता है कि पिछली सरकार ने जनता की भावनाओं की अनदेखी की थी।

'धाम' नाम पर जताई गई थी आपत्ति

हावड़ा में भाजपा सांसद संबित पात्रा ने मामले में मीडिया से बात की। संबित पात्रा ने कहा कि सभी को पता है कि अप्रैल 2025 में तत्कालीन बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने दीघा में जगन्नाथ मंदिर की स्थापना और उद्घाटन किया था। उसका नाम 'जगन्नाथ धाम' रखा गया था। उन्होंने आगे कहा कि हमें जगन्नाथ मंदिरों के प्रचार या विस्तार पर कोई आपत्ति नहीं है। उस समय भी हमारे मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और हम सभी ने 'धाम' नाम के इस्तेमाल की आलोचना की थी।

संबित पात्रा ने सीएम शुभेन्दु का जताया आभार

बीजेपी सांसद ने आगे कहा कि आज मैं मुख्यमंत्री का पत्र लेकर दूत बनकर नबन्ना पहुंचा। मैंने मुख्यमंत्री का पत्र शुभेन्दु अधिकारी को सौंपा। उसके बाद आज 'धाम' शब्द हटाने का निर्णय लिया गया। इसे 'जगन्नाथ मंदिर' के नाम से जाना जाएगा। मैं मुख्यमंत्री शुभेन्दु के प्रति आभार व्यक्त करना चाहता हूं। यह करोड़ों उड़िया लोगों, पुरी, ओडिशा और पूरे भारत में सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण है।