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West Bengal Political Crisis:काकोली दस्तिदार का पैसा लेते पुराना वीडियो हो रहा शेयर, ममता बनर्जी को भ्रष्टाचारी कह कर की है बगावत

West Bengal political crisis 2026: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक संकट के बीच टीएमसी सांसद काकोली दस्तीदार ने ममता बनर्जी को भ्रष्टाचारी बताते हुए खुली बगावत कर दी है। इस विद्रोह के बीच सोशल मीडिया पर काकोली दस्तीदार का पैसा लेते हुए एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

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भारत

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MI Zahir

Jun 09, 2026

TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar Narada sting video grab

टीएमसी की वरिष्ठ सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तिदार। ( फोटो : ANI)

West Bengal TMC Crisis: पश्विम बंगाल में सियासत बहुत गर्म हो गई है। टीएमसी नेता ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। वे पार्टी में बगावत होने की वजह से पहले से ही परेशान हैं और अब विपक्ष के साथ अपनी ही पाटी के नेताओं के निशाने पर आ गई हैं। पश्चिम बंगाल में टीएमसी के अंदर सुलग रही असंतोष की आग अब पूरी तरह भड़क चुकी है। इस प्रदेश की राजनीति में इस समय जबरदस्त उथल-पुथल का दौर जारी है। ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पार्टी के अंदर हुए एक बड़े विद्रोह ने तृणमूल कांग्रेस की नींव को हिलाकर रख दिया है। खबर है कि टीएमसी की वरिष्ठ सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तिदार ने पार्टी के करीब 20 सांसदों को तोड़कर भारतीय जनता पार्टी को समर्थन दे दिया है। ममता बनर्जी को 'भ्रष्टाचारी' बताकर बगावत करने वाली काकोली के इस कदम से राज्य की सियासत गरमा गई है।

दस्तिदार खुद विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स के सीधे निशाने पर आ गई

अब हाल यह है कि ममता बनर्जी पर उंगली उठाने के बाद अब डॉ. काकोली घोष दस्तिदार खुद विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स के सीधे निशाने पर आ गई हैं। इस बगावत के फौरन बाद इंटरनेट पर उनका एक पुराना और विवादित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह साल 2016 के चर्चित 'नारदा स्टिंग ऑपरेशन' का वीडियो है, जिसमें डॉ. काकोली को कथित तौर पर लाखों रुपये की रिश्वत लेते हुए देखा गया था।

डॉ. काकोली की नैतिकता पर गंभीर सवाल उठ रहे

सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को शेयर कर डॉ. काकोली की नैतिकता पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि साल 1980 के दशक से ममता बनर्जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली काकोली को तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरी तरह बचाया था। नारदा कांड के समय ममता बनर्जी ने न सिर्फ काकोली घोष बल्कि शुभेंदु अधिकारी का भी बचाव किया था। लेकिन आज जब सियासी समीकरण बदले, तो काकोली को अपनी ही पुरानी नेता भ्रष्ट नजर आने लगीं। जनता अब चुटकी लेते हुए कह रही है कि इतने बरसों बाद अचानक सांसद महोदया की 'आत्मा' जाग गई है।

राजनीतिक जमीन खिसकती देख उन्होंने पाला बदलना ही मुनासिब समझा

इस पूरे घटनाक्रम के पीछे हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों के नतीजों को भी जोड़ कर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि डॉ. काकोली घोष दस्तिदार चुनाव से पहले ही समझौता कर चुकी थीं। उनके खुद के लोकसभा क्षेत्र में टीएमसी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख उन्होंने पाला बदलना ही मुनासिब समझा। बहरहाल, पश्चिम बंगाल की यह सियासी जंग अब और भी दिलचस्प और कीचड़ उछालने वाली हो गई है।

सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा उबला

ममता बनर्जी को भ्रष्टाचारी कहने से पहले डॉ. काकोली को अपना नारदा वाला वीडियो देख लेना चाहिए। गंगा नहाने से पुराने पाप नहीं धुलते। उधर विपक्षी दलों ने तंज किया है, 'टीएमसी का पूरा ढांचा ही भ्रष्टाचार पर टिका हुआ है। जो नेता आज ईमानदारी की दुहाई दे रहे हैं, वे कल तक इसी भ्रष्टाचार के हिस्सेदार थे।

टीएमसी आलाकमान ने डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया

बहरहाल, इस बड़ी बगावत के बाद टीएमसी आलाकमान ने डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। ममता बनर्जी ने कोलकाता में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। बागी सांसदों पर दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है, जबकि भाजपा खेमा इस टूट के बाद बंगाल में नई सरकार बनाने के दावों को मजबूत कर रहा है।