
yamuna
देश की राजधानी दिल्ली में बाढ़ की स्थित बनी हुई है। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इससे यमुना के किनारे रहने वाले के लिए बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। मयूर विहार इलाके में यमुना किनारे खादर में रहने वाले लोगों के घर पानी में डूब गए। जलस्तर के खतरे के निशान के पार चले जाने के चलते प्रशासन निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को वहां से हटाने के लिए योजना तैयार कर रहा है। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लोगों से नदी में न उतरने और सावधानी बरतने की अपील की है। दिल्ली बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने कहा कि यमुना नदी का जलस्तर 205.99 मीटर तक जा पहुंच गया है।
यमुना खतरे के निशान से ऊपर
पहाड़ी इलाकों में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी से राजधानी में यमुना नदी का जलस्तर 205.99 मीटर के खतरे के निशान को पार कर गया। दिल्ली में बाढ़ की चेतावनी तब घोषित की जाती है जब यमुना नगर स्थित हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा एक लाख क्यूसेक को पार कर जाती है।
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34 नावों और सचल पंप तैनात
निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने 34 नावों और सचल पंपों को तैनात किया है। एक अधिकारी ने कहा कि इसी के साथ डूब क्षेत्र और बाढ़ संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाता है।
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सैकड़ों लोगों के घर पानी में डूबे
आधी रात को मयूर विहार इलाके में यमुना किनारे खादर में रहने वाले लोगों के घर पानी में डूब गए। सैकड़ों की संख्या में लोग अपने घरों को पानी में डूबा छोड़कर मयूर विहार मेन हाईवे पर जरूरी समान लेकर पहुंचे। अब यह लोग सड़क किनारे खाना बना रहे हैं। इलाके में लोहे के पुल के नीचे बनी झुग्गी झोपड़ी में पानी पहुंच गया है।
Published on:
13 Aug 2022 10:20 am
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