
पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद से प्रेरित हैं धर्मेंद
फिरोजाबाद जिले के टूंडला तहसील के गांव टिकरी में बुधवार को चंद्रयान-3 की सफलता को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा गया सभी लोगो को अपने गांव के युवा पर गर्व है कि वह भी विश्व स्तर की सफलता के कार्यक्रम में शामिल है। गांव टिकरी के लोगो ने एक साथ एकत्रित होकर चंद्रयान की सफलता के अप्रतिम क्षणों को अति उत्साह के साथ टेलीविजन स्क्रीन पर देखा गया। युवा वैज्ञानिक धर्मेंद्र प्रताप सिंह के पिता शंभू दयाल सिंह और अन्य ग्रामीण गर्वित है।
उनका कहना है कि हम सभी को बहुत गर्व है देश के लिए विश्व स्तर के अभियान में हमारे गांव के धर्मेंद्र का भी नाम शामिल होगा। धर्मेंद्र पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद से प्रेरणा लेकर इसरो में शामिल हुआ था।
परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र की प्रारंभिक शिक्षा टूंडला और फिरोजाबाद में संपन्न हुई फिर बीटेक करने के बाद जालंधर के एनआईटी से एमटैक किया था, जिसके दीक्षांत समारोह में पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद पहुंचे थे और उन्होंने युवाओं को वैज्ञानिक क्षेत्र में अपनी सेवाएं देकर देश को आगे बढ़ने का संकल्प करने का आवाहन किया था। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वैज्ञानिकों की नियुक्ति के लिए हुए कंपटीशन में धर्मेंद्र प्रताप ने पांचवा स्थान प्राप्त किया था।चंद्रयान 3 की सफलता के लिए सभी लोगों ने पूजा अर्चना के साथ खुशियां भी मनाई।
निशांत के घर खुशी की लहर
बुधवार की शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रयान-3 ने चांद पर सफल लैंडिंग की। भारत अब अमेरिका, रूस व चीन के बाद चौथा ऐसा देश है जिसने चांद पर सफलतापूर्वक कदम रखा है। यह जहां पूरे देश के लिए काफी गर्व की बात है, वहीं अंबिकापुरवासी भी इस सफलता पर खुशियां मना रहे हैं। अंबिकापुर का बेटा निशांत सिंह भी इसरो के चंद्रयान-3 टीम का हिस्सा था। इस मौके पर निशांत का परिवार गर्व व खुशी से भर गया है। निशांत के परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर बधाई व शुभकामनाएं दीं। निशांत के घर में बधाई देने वालों का तांता लग गया है।
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Published on:
23 Aug 2023, 9:28 PM IST
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