26 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Zohran Mamdani RSS Controversy: ममदानी के RSS विरोध पर शाइना NC का करारा पलटवार, बोलीं- ‘आप कौन होते हैं सर्टिफिकेट देने वाले?’

Mamdani RSS Statement: न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और RSS प्रमुख मोहन भागवत का विवाद अब भारत की राजनीति तक पहुंच गया है। शिवसेना नेता शाइना एन सी ने ममदानी पर तीखा हमला बोलते हुए RSS की अमेरिकी सेवा गतिविधियों और हिंदू-अमेरिकी समुदाय के योगदान का मुद्दा उठाया है।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Manoj Vashisth

Aug 26, 2026

Zohran Mamdani RSS Controversy

Zohran Mamdani RSS Controversy :भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम पर बवाल! ममदानी के बयान से भड़कीं शाइना NC, पूछ दिया बड़ा सवाल (फोटो सोर्स: ANI)

Mohan Bhagwat New York Event: न्यूयॉर्क में RSS प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भारत से अमेरिका तक सियासी बहस तेज हो गई है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले कार्यक्रम के प्रति असहमति जताई है। अब शिवसेना नेता शाइना एन सी ने पीटीआई X पर ममदानी के रुख पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने RSS की सेवा गतिविधियों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि संगठन को लेकर फैसला सुनाने का अधिकार आखिर किसे है।

Zohran Mamdani RSS Controversy: एक बयान से गरमाया मामला

शाइना एन सी ने मुंबई में ममदानी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि RSS से जुड़ी Seva International अमेरिका में 200 से अधिक सेवा परियोजनाएं चलाती है। उनके मुताबिक, प्राकृतिक आपदाओं से लेकर कोरोना महामारी तक अलग-अलग परिस्थितियों में संगठन से जुड़े स्वयंसेवकों ने राहत और सेवा कार्य किए हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी समाज में भारतीय मूल के डॉक्टर, इंजीनियर, टैक्सी चालक और दूसरे पेशेवर लगातार योगदान दे रहे हैं। ऐसे में हिंदू-अमेरिकी समुदाय को संबोधित करने वाले कार्यक्रम को राजनीतिक चश्मे से देखना उचित नहीं है।

शाइना ने ममदानी पर ‘वोट-बैंक राजनीति’ करने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका में अलग-अलग विचारधाराओं तथा समूहों को अपनी बात रखने की अनुमति मिलती है, तो फिर हिंदू समुदाय के एक बड़े आयोजन पर आपत्ति क्यों?

Zohran Mamdani RSS Controversy: ममदानी ने क्या कहा था?

मामला तब सुर्खियों में आया जब न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम के प्रति अपना विरोध जताया। उन्होंने कहा कि वह इस कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि किसी निजी आयोजन को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं, यह उन्हें पता नहीं है।

ममदानी की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब RSS प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका पहुंच चुके हैं और 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले Universal Oneness Celebrations में शामिल होने वाले हैं। कार्यक्रम के आयोजकों के अनुसार, इसमें 5,000 से अधिक भारतीय-अमेरिकियों के शामिल होने की उम्मीद है।

मैडिसन स्क्वायर गार्डन में क्या होने वाला है?

यह कार्यक्रम American Hindus for Engagement and Dialogue यानी AHEAD Forum की ओर से आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य एकता, सामाजिक जिम्मेदारी, सांस्कृतिक जुड़ाव और वैश्विक सद्भाव का संदेश देना है। इसमें हिंदू समुदाय के अलावा विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।

21 अगस्त को आयोजकों ने दावा किया था कि अमेरिका के 200 से अधिक हिंदू-अमेरिकी संगठन इस आयोजन से जुड़ चुके हैं। कार्यक्रम को रक्षाबंधन के अवसर से भी जोड़ा गया है और इसके केंद्र में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की अवधारणा रखी गई है।

शाइना ने FBI का भी किया जिक्र

शाइना NC ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि FBI ने RSS को कभी ‘चरमपंथी’ संगठन घोषित नहीं किया है। यह बात उन्होंने ममदानी की टिप्पणी पर सवाल उठाने के लिए कही। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी अमेरिकी सरकारी एजेंसी द्वारा किसी संगठन को ‘extremist’ घोषित न किया जाना अपने आप में संगठन से जुड़े सभी विवादों या आरोपों को खारिज नहीं करता।

यही वजह है कि इस पूरे विवाद में अब दो अलग नैरेटिव आमने-सामने हैं एक तरफ RSS की सेवा और सांस्कृतिक गतिविधियों को सामने रखा जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ संगठन की विचारधारा और अल्पसंख्यकों को लेकर पुराने विवादों का हवाला दिया जा रहा है।

‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ वाले बयान से बढ़ी सियासी गर्मी

शाइना NC ने ममदानी पर हमला बोलते हुए उन्हें ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का हिस्सा तक बता दिया। उन्होंने अमेरिका में खालिस्तान समर्थक रैलियों और हमास समर्थकों से जुड़े प्रदर्शनों का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि जब अलग-अलग राजनीतिक विचारों को सार्वजनिक मंच मिलते हैं, तब RSS प्रमुख के कार्यक्रम पर आपत्ति क्यों?

उनका तर्क था कि अमेरिका में रहने वाले हिंदू-अमेरिकियों को भी अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान के साथ सार्वजनिक रूप से जुड़ने का समान अवसर मिलना चाहिए।

अब 29 अगस्त पर सबकी नजर

मोहन भागवत का न्यूयॉर्क कार्यक्रम अब महज एक सामुदायिक आयोजन नहीं रह गया है। ममदानी के विरोध, RSS को लेकर अमेरिकी संगठनों की आपत्तियों और भारत से आई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने इसे अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है।

कार्यक्रम के आयोजकों ने इसे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संवाद का मंच बताया है, जबकि आलोचक RSS की विचारधारा और उसके रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भागवत का संबोधन क्या संदेश देता है और उसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं किस दिशा में जाती हैं, इस पर भारत और अमेरिका दोनों की नजर रहेगी।