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₹1,000 का विवाद, हाथ पर बना टैटू और 500 CCTV कैमरे, ऐसे बेनकाब हुआ दिल दहला देने वाला मर्डर केस

Murder Case: दिल्ली में ₹1000 के विवाद में एक युवक के मर्डर का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हाथ पर बने आनंद-रेणु के टैटू और CCTV की मदद से पुलिस ने वैन चालक समेत पूरे परिवार को गिरफ्तार कर लिया। पढ़ें पूरा मामला...
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Tattoo Identification Murder, Delhi Police Case

दिल्ली में ‘बेनाम’ शख्स की के मर्डर का सनसनीखेज खुलासा (फाइल फोटो)

Naraina Vihar Murder Case:दिल्ली से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पर सिर्फ 1,000 रुपये के किराए को लेकर हुए मामूली विवाद ने इतना खौफनाक रूप ले लिया कि एक बेगुनाह को अपनी जान गंवानी पड़ी। नारायणा विहार स्थित एक सरकारी स्कूल की बाउंड्री के पास जब 21 अगस्त को करीब 35 वर्षीय युवक का खून से लथपथ बिना कपड़ों का शव मिला, तो इलाके में हड़कंप मच गया।

शुरुआत में पुलिस के पास मृतक की पहचान का कोई सुराग नहीं था, लेकिन मृतक के बांये हाथ पर बना एक टैटू और 500 CCTV कैमरों ने इस पूरे मामले की गुत्थी को सुलझा दिया। पुलिस ने इस मामले में एक वैन चालक, उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।

दिल के टैटू ने खोला राज

मृतक के हाथ पर बने दिल के आकार के टैटू में आनंद और रेणु नाम लिखा हुआ था। यही टैटू जांच अधिकारियों के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ। शव पर गंभीर चोटों के निशान थे और सिर पर किसी भारी चीज से हमला किया गया था। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम और क्राइम टीम ने सबूत जुटाए, जिसके बाद शव को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

₹1,000 के किराए पर हुआ था झगड़ा

पुलिस की जांच में पता चला कि 17 अगस्त को गुरुग्राम के इफ्को चौक से 59 वर्षीय वैन चालक राजिंदर कुमार उर्फ अन्नू ने मृतक को अपनी गाड़ी में बैठाया था। सफर के दौरान दोनों के बीच सिर्फ ₹1,000 के किराए को लेकर कहासुनी हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर राजिंदर ने ईंट और मिट्टी के बर्तन से यात्री के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

शव ठिकाने लगाने में पत्नी और बेटा भी शामिल

मर्डर के बाद आरोपी चालक ने सबूत मिटाने के लिए अपने परिवार को भी इसमें शामिल कर लिया। राजिंदर ने अपनी 50 वर्षीय पत्नी कामिनी मखीजा और 28 वर्षीय बेटे लक्ष्य मखीजा की मदद से शव को सुनसान जगह पर फेंक दिया और पीड़ित के कपड़े व जूते जंगल में छिपा दिए। आरोपियों का दावा है कि मृतक के पास कोई फोन, वॉलेट या कैश नहीं था, जिसकी पुलिस फिलहाल जांच कर रही है।

500 CCTV कैमरों ने उजागर की सच्चाई

सुराग तलाशने के लिए दिल्ली पुलिस ने करीब 500 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस आखिरकार संदिग्ध वैन तक पहुंच गई और आरोपी चालक को दबोच लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से मृतक के कपड़े और जूते भी बरामद कर लिए हैं। फिलहाल तीनों आरोपी सलाखों के पीछे हैं और पुलिस मृतक की सही पहचान करने में जुटी है।