
योजना के तहत मिले स्मार्ट फोन चलाते विद्यार्थी।
नीमच. स्मार्ट फोन में सेव मोबाईल नंबर की कांटेक्ट लिस्ट नहीं खुल पाती है, रेम कम होने के कारण बार बार मोबाईल हैंग हो जाता है। फिर से चलाने के लिए मोबाईल रिफ्रेश करना पड़ता है, इतने में बेट्री डिस्चार्ज हो जाती है। वर्तमान में जहां फोरजी मोबाईल में ४ जीबी तक रेम के मोबाईल प्रचलन में हैं। वहीं ये ३ जी फोन केवल विद्यार्थियों को वितरण करने की खाना पूर्ति बनकर रह गए हैं। क्योंकि इनके चार्जर भी समय से पहले साथ छोड़ चुके हैं।
यह कहना था उन विद्यार्थियों का जिन्हें महाविद्यालय में ७५ प्रतिशत या उससे अधिक उपस्थिति होने पर प्रोत्साहित करने के लिए स्मार्ट फोन वितरित किए गए थे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत २०१४-१५ के विद्यार्थियों को जो फोन दिए गए वे २०१५-१६ में वितरित किए गए मोबाईल की अपेक्षा काफी ठीक थे। लेकिन वर्ष २०१५-१६ में वितरित किए गए स्मार्ट फोन केवल नाम के मोबाईल हैं।
कैसे करें ज्ञान अर्जित हो जाते हैं हैंग
विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन वितरित करने का मुख्य उद्देश्य डिजीटल इंडिया के सपने को साकार करना है। ताकि हर विद्यार्थी स्मार्ट फोन से विभिन्न प्रकार के लेनदेन करने के साथ ही मोबाईल में इंटरनेट के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी विषय वस्तु को सर्च कर अपने ज्ञान में वृद्धि कर सके। लेकिन विद्यार्थियों ने बताया कि फोन ३ जी होने के कारण स्पीड भी कम है। साथ ही कुछ ही देर में हैंग हो जाता है। उन्होंने बताया कि इन मोबाईलों का बाजार में कुछ सामान भी नहीं मिलता हैै। ऐसे में जब तक चले तब तक ठीक। क्योंकि मोबाईल ठीक कराने के लिए भी मंदसौर करीब ५० किलोमीटर का सफर तय करना है। क्योंकि संबंधित एजेंसी मंदसौर में है।
वर्ष २०१५-१६ में २६४२ मोबाईल हुए वितरित
महाविद्यालय का नाम स्मार्ट फोन की संख्या
पीजी कॉलेज नीमच ९१२
जाजू कॉलेज नीमच ७३४
महाविद्यालय रामपुरा १९०
महाविद्यालय जावद २५८
महाविद्यालय मनासा ४८५
महाविद्यालय सिंगोली ६३
इस प्रकार गत वर्ष जिले के उक्त ६ शासकीय महाविद्यालयों में करीब २६४२ विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन वितरित किए गए थे। इन विद्यार्थियों को मोबाईल में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर कार्वी मैनेजमेंट स्टेशन रोड मंदसौर पर मोबाईल रिपेयर आदि के लिए सम्पर्क करने के लिए कहा गया था। क्योंकि इसी संस्था द्वारा विद्यार्थियों को मोबाईल फोन वितरित किए गए थे। वैसे तो मोबाईल में समस्या विभिन्न विद्यार्थियों को आई लेकिन चंद विद्यार्थियों ने ही महाविद्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। जहां से उन्हें संबंधित संस्था पर सम्पर्क करने की सलाह दी गई।
मोबाईल में २ जीबी इंटरनल, ५१२ रेम व ३ जी सुविधा है। लेकिन कांटेक्ट लिस्ट ओपन नहीं होती, फोन जल्दी हैंग हो जाता है। साथ ही इंटरनेट चलाने पर एक घंटे से अधिक बेट्री नहीं चलती है। साथ ही स्क्रीन गार्ड आदि इस मोबाईल के सामान भी बाजार में नहीं मिलते हैं।
-संजय धाकड़, विद्यार्थी बीएससी, फोटो-एनएम २२१२
वर्ष २०१५-१६ में जिन विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन मिले थे, उनमें से अधिकतर के चार्जर कुछ ही समय में बंद हो गए। हम जितने भी साथी हैं सभी के चार्जर खराब हो चुके हैं। लेकिन हमने इस संबंध में किसी से शिकायत नहीं की। जहां तक मोबाईल का सवाल है वह हैंग बहुत होता है व कोई भी चीज सर्च करने पर काफी समय लगता है।
-विनोद धाकड़, विद्यार्थी बीएससी , फोटो-एनएम २२१३
वर्जन.
इस वर्ष २०१६-१७ में करीब ११५६ विद्यार्थी स्मार्ट फोन की पात्रता में हैं। जिन्हें मोबाईल वितरण प्रभारी मंत्री की अनुमति से तिथि निर्धारित कर वितरण किए जाएंगे। गत वर्ष वितरित किए गए मोबाईल में एक दो विद्यार्थियों को किसी प्रकार की समस्या आई थी। जिन्हें संबंधित एजेंसी द्वारा दूर किया गया।
-वीके जैन, प्राचार्य, स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय
गत वर्ष वितरित किए गए स्मार्ट फोन में से करीब दो छात्राओं ने मोबाईल हैंग होने की समस्या बताई थी, उनकी शिकायत संबंधित सप्लायर द्वारा दूर की गई। इस सत्र में करीब ६८५ छात्राएं स्मार्ट फोन वितरण की पात्रता में हैं।
-एनके डबकरा, प्राचार्य, सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय
Published on:
22 Dec 2017, 12:57 PM IST
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