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किसान आंदोलन,ढिलाई बरतने को कतई तैयार नहीं है पुलिस प्रशासन

पुलिस संरक्षण में दूसरे दिन भी हुई दूध-सब्जी की आपूर्तिसंवदेनशील क्षेत्रों में सतत की जा रही है मॉनिटरिंग
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नीमच

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harinath dwivedi

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Updated: 3 Jun 2018, 11:25 AM IST

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किसान आंदोलन,ढिलाई बरतने को कतई तैयार नहीं है पुलिस प्रशासन

नीमच. किसान आंदोलन के दूसरे दिन भी पुलिस की मौजूदगी में ही राजस्थान से होने वाली दूध और सब्जी की आपूर्ति हुई। जिन जिन क्षेत्रों में राजस्थान से दूध व सब्जी की सप्लाय होती है वहां तक पुलिस की मौजूदगी में पहुंचाया गया। पुलिस प्रशासन १० जून तक उपद्रवियों को हंगामा करने का कोई अवसर नहीं देना चाहती। चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। उपद्रवियों को हंमागा करने का अवसर मिले ऐसी स्थिति निर्मित हो इसके लिए पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था में जरा भी ढिलाई बरतने को तैयार नहीं है।
अलसुबह पेट्रोलिंग पर निकले एसपी
राजस्थान से प्रतिदिन जिले की ८० फीसदी सब्जी की आपूर्तिहोती है। प्रतिदिन करीब २० हजार लीटर दूध भी राजस्थान से मध्यप्रदेश में लाया जाता है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए शनिवार को भी पुलिस अधीक्षक तुषारकांत विद्यार्थी सुबह ४.३० बजे नयागांव सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंच गए थे। एसपी ने दूध और सब्जी की आपूर्ति की जानकारी ली। दूध व सब्जी लेकर आ रहे लोगों से चर्चा की और उन्हें पूरी तरह आश्वस्त किया कि उन्हें किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है। नजदीक के पुलिस थाने और टीआई के नंबर भी उपलब्ध कराए। संवेदनशील क्षेत्रों में २४ घंटे पुलिस बल तैनात किया गया है। राजस्थान से होने वाली सब्जी और दूध की सप्लाय पुलिस की निगरानी में ही जिले के विभिन्न स्थानों तक पहुंचाई जा रही है। नयागांव, छोटी सादड़ी और चीताखेड़ा मार्ग से राजस्थान से बड़ी मात्रा में दूध और सब्जी की सप्लाय मध्यप्रदेश में आती है। यहां किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित न हो इसके लिए पुलिस टुकड़ी तैनात की गई है। १० जून तक इन क्षेत्रों में पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। जिला मुख्यालय से लगे संवेदनशील क्षेत्र हर्कियाखाल फंटा, मालखेड़ा फंटा, भरभडिय़ा फंटा पर भी २४ घंटे पुलिस की चौकस नजर है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी तैनात रहा पुलिस बल
ग्राम खोर सहित आसपास के क्षेत्र में चल रहे किसान आंदोलन के मद्देनजर नयागांव पुलिस द्वारा लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। गांव में मुख्य चौराहों पर भी पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रो में भी कोई अप्रिय घटना घटित न हो इसके लिए पुलिस का पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नयागांव चौकी प्रभारी आरपी मिश्रा ने बताया की क्षेत्र में लगातार पुलिस गश्त कर रही है। कोई भी अप्रिय घटना नहीं घटे इसके लिए आम जनता से भी सहयोग की अपील कर रहे हैं। जवानों की क्षेत्र में पूरी नजर है। क्षेत्र में कहीं कोई आंदोलन जैसी स्थिति नहीं है फिर भी शासन के निर्देशानुसार पूरे क्षेत्र में नजर बनाए हुए हैं। किसान आंदोलन को लेकर युवाओं ने दो टूक शब्दों में इसे राजनीति पैतरेबाजी बताया। उनका तर्क था कि किसानों को उसके काम से फुर्सत नहीं है। वे कहां सड़क पर आंदोलन करने उतरेंगे। इस आंदोलन से सबसे अधिक नुकसान छोटे किसानों का ही होगा। जो किसान रोज मंडी जाता है चाहे वह सब्जी लेकर जाता हो या दूध उसकी प्रतिदिन की आमदनी से ही घर का गुजारा चलता है। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उनकी सब्जियां सड़क पर फेंक दी जाती है। दूध सड़क पर ढोल दिया जाता है। यह कैसा किसान आंदोलन है जो किसानों को ही नुकसान पहुंचाने का काम करता है। पुलिस की लाठियां भी आंदोलन करने वाले नेताओं पर नहीं किसानों पर ही पड़ती है। पिछले वर्ष भी ऐसा ही हुआ था।
दूसरे दिन बढ़ी है आवक
जिले में शुक्रवार की तुलना में शनिवार को दूध और सब्जी की आवक बढ़ी है। राजस्थान सीमा से जिले में होने वाली सब्जी-दूध की आपूर्ति आज भी पुलिस सुरक्षा में ही हुई। मैं स्वयं सुबह ४.३० बजे सब्जी-दूध की आपूर्ति पर नजर रखने के लिए मौके पर मौजूद थे। जिले में कहीं भी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होने दी जाएगी। हर गतिविधि पर पुलिस बल पूरी नजर रखे हुए है।
- तुषारकांत विद्यार्थी, पुलिस अधीक्षक