
इस कार्रवाई पर CJP के पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने सवाल उठाए। फोटो सोर्स-ANI
Saurav Das WhatsApp Block: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था और कथित NEET अनियमितताओं को लेकर जारी CJP के आंदोलन के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि उनका WhatsApp अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर उनका अकाउंट किस वजह से और किसके इशारे पर बंद किया गया।
सौरव दास का कहना है कि जिस समय उनकी पार्टी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है, उसी दौरान उनका WhatsApp अकाउंट बंद होना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि उन्होंने अपने पोस्ट में यह नहीं बताया कि अकाउंट अस्थायी रूप से ब्लॉक हुआ है या स्थायी रूप से।
इस पूरे मामले पर अभी तक WhatsApp की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि अकाउंट पर किस आधार पर कार्रवाई की गई। WhatsApp की नीतियों के अनुसार, आमतौर पर किसी अकाउंट पर कार्रवाई स्पैम गतिविधियों, बड़ी संख्या में यूजर्स की शिकायत, अनधिकृत ऐप के इस्तेमाल या सेवा शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में की जाती है। फिलहाल सौरव दास के मामले में इनमें से कौन-सा कारण लागू हुआ, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
उधर, जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। संसद मार्ग, रफी मार्ग और आसपास के इलाकों में भारी बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद अब तक कई एफआइआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और हिंसा के पीछे किसी बड़ी साजिश की भी पड़ताल होगी।
'चलो संसद' मार्च के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए थे। कई लोगों के घायल होने की भी खबर सामने आई। वहीं विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बताया। कांग्रेस के कई नेताओं ने अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन किए, जबकि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा।
दूसरी ओर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार NEET समेत छात्रों से जुड़े हर मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों के मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक टकराव पैदा करने के लिए कर रहे हैं।
फिलहाल सौरव दास के WhatsApp अकाउंट को लेकर उठे सवालों का जवाब अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में आंदोलन के बीच यह मामला भी अब राजनीतिक और डिजिटल अधिकारों की बहस का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।
Updated on:
22 Jul 2026 09:19 am
Published on:
22 Jul 2026 09:19 am
