
दिल्ली एयरपोर्ट पर अब शास्त्रीय नृत्य के साथ संगीत का उठाएं आनंद। (फोटोः @DelhiAirport)
Delhi Airport: यह कार्यक्रम सभी टर्मिनलों पर शुरू किया गया है और इसका उद्देश्य घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय, दोनों तरह के यात्रियों को उनकी यात्रा के दौरान एक सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करना है। इसमें कथक और भरतनाट्यम सहित भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों के लाइव प्रदर्शन के साथ-साथ शहनाई, संतूर, सितार और सारंगी जैसे वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन भी शामिल है। DIAL के अनुसार, यात्री हस्तशिल्प सत्रों और कलाकारों द्वारा संचालित प्रदर्शनों में भी भाग ले सकते हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ये प्रदर्शन प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच आयोजित किए जाएंगे। इनमें 10-15 मिनट का शास्त्रीय नृत्य, 20-25 मिनट का लाइव संगीत और 15 मिनट का क्यूरेटेड शिल्प अनुभव शामिल होगा। DIAL के अनुसार, इन सत्रों के बीच-बीच में कुछ अतिरिक्त खंड भी होंगे जिनका संचालन एम्सी द्वारा किया जाएगा ताकि वे यात्रियों से जुड़ सकें और उन्हें कार्यक्रम के माध्यम से मार्गदर्शन कर सकें।
DIAL के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य यात्रा से संबंधित तनाव और चिंता को कम करना है। खासकर पहली बार यात्रा करने वालों के लिए, एक शांत और आकर्षक वातावरण प्रदान करके। हवाई अड्डे ने इसे पारगमन समय को सांस्कृतिक विसर्जन के अवसर में बदलने का एक प्रयास बताया।
DIAL के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा, "यह हर यात्री को हवाई अड्डे से निकलने से पहले ही भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का एक अंश देने का हमारा तरीका है।" "यह न केवल भारत के सबसे व्यस्त पारगमन केंद्र का प्रबंधन और संचालन करने, बल्कि यात्रियों के लिए यादगार अनुभव बनाने के हमारे दृष्टिकोण को दर्शाता है।"
दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एक बयान में कहा "हवाई अड्डा देश की समृद्ध विरासत को दर्शाने वाली बड़े पैमाने की स्थापनाओं का निर्माण करके भारतीय कला और संस्कृति को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है। जैसे टर्मिनल 3 पर बारह मुद्रा मूर्तियां, सूर्य नमस्कार का प्रतीक 12 फुट ऊंची सूर्य नमस्कार प्रतिमा, साथ ही प्रमुख समकालीन कलाकारों द्वारा भित्ति चित्र और पेंटिंग और भारत भर के प्रसिद्ध चित्रकारों और मूर्तिकारों की कृतियों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियां। हवाई अड्डा यह सुनिश्चित करता है कि देश में प्रवेश करने से पहले अंतरराष्ट्रीय यात्री भारतीय संस्कृति की एक दृश्य यात्रा का अनुभव प्राप्त करें।"
Updated on:
21 Jul 2025, 2:13 PM IST
Published on:
21 Jul 2025, 2:11 PM IST
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