
दिल्ली में हफ्ते में 2 दिन 'वर्क फ्रॉम होम' का ऐलान
Delhi work from home: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन बचत की अपील किए जाने के बाद, दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने और पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के लिए एक नई कार्ययोजना की घोषणा की है, जिसके तहत अब सरकारी दफ्तरों के कामकाज के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं, सरकार ने अगले 6 महीने तक गाड़ियों की खरीद पर रोक लगा दी है।
मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि दिल्ली के सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी हफ्ते में दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) करेंगे। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम करना है, जिससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि राजधानी के वायु प्रदूषण स्तर में भी गिरावट आने की उम्मीद है।
आपको बता दें कि वर्क फ्रॉम होम लागू करने के साथ ऊर्जा और संसाधनों की बचत को ध्यान में रखते हुए सरकारी दफ्तरों के कामकाज के समय में बदलाव किया गया है। नए नियम के मुताबिक, दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 7:30 बजे तक संचालित होंगे, जबकि नगर निगम के दफ्तरों का समय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक तय किया गया है। इसके साथ ही सरकार ने लोगों से ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की है, ताकि सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल सके।
सरकार ने अगले छह महीनों तक नई गाड़ियां नहीं खरीदने का भी फैसला किया है। वहीं ग्रेड-1 से ग्रेड-8 तक के कर्मचारियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता देने की घोषणा की गई है, बशर्ते वे अपने यात्रा भत्ते का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा सार्वजनिक परिवहन पर खर्च करें।
सरकार केवल सरकारी स्तर पर ही नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र को भी इस मुहिम में शामिल करना चाहती है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार जल्द ही निजी कंपनियों और कॉर्पोरेट जगत से भी अपील करेगी कि वे अपने कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन घर से काम करने की सुविधा दें।
ईंधन संरक्षण के इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री ने 'मेरा भारत मेरा योगदान' नामक एक विशेष स्कीम भी लॉन्च की है। सीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार पेट्रोल और डीजल बचाने के लिए सरकारी और निजी, दोनों स्तरों पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना देश के संसाधनों को बचाने की दिशा में दिल्ली का एक बड़ा योगदान साबित होगी। राजधानी में लागू होने वाला यह नया मॉडल अगर सफल रहता है, तो आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2026 के दूसरे सप्ताह में देश को संबोधित करते हुए ईंधन बचत का यह आह्वान किया था। उन्होंने बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए देशवासियों से पेट्रोल-डीजल के संयमित उपयोग की अपील की थी। पीएम ने सुझाव दिया था कि जहां संभव हो, कार्यस्थलों पर 'वर्क फ्रॉम होम' और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देकर हम सामूहिक रूप से देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण में बड़ा योगदान दे सकते हैं। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार ने अब राजधानी में नई गाइडलाइंस लागू करने का निर्णय लिया है।
Updated on:
14 May 2026 05:18 pm
Published on:
14 May 2026 04:15 pm
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