27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सरकारी की तरह प्राइवेट स्कूल के टीचर्स को भी मिलेगी चाइल्ड केयर लीव, दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी वह सभी अवकाश सुविधाएं मिलनी चाहिए जो सरकारी स्कूल शिक्षकों को मिलती हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Dinesh Dubey

•

Updated: 5 Jun 2026, 4:55 PM IST

school teachers

AI Image

दिल्ली हाई कोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने एक शिक्षिका की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि दिल्ली के मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षक भी सरकारी स्कूल शिक्षकों की तरह चाइल्ड केयर लीव (CCL) के हकदार हैं।

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के फैसले को पलटते हुए कहा कि दिल्ली स्कूल शिक्षा नियम के तहत निजी स्कूलों के कर्मचारियों को भी सरकारी स्कूल कर्मचारियों के समान अवकाश सुविधाएं मिलनी चाहिए।

12वीं में पढ़ रहे बेटे की देखभाल के लिए मांगी थी छुट्टी

मामला एक मान्यता प्राप्त निजी, लेकिन गैर-सहायता प्राप्त (Unaided) स्कूल में कार्यरत शिक्षिका से जुड़ा है। शिक्षिका ने अपने बारहवीं कक्षा में पढ़ रहे बेटे की देखभाल के लिए 1 मई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक चाइल्ड केयर लीव यानी बच्चों के देखभाल के लिए मिलने वाले अवकाश की मांग की थी।

याचिका में कहा गया था कि उनका बेटा बोर्ड परीक्षा की तैयारी और पढ़ाई के दबाव से गुजर रहा है, जिसके कारण उसे मां के सहयोग और देखभाल की आवश्यकता है। हालांकि स्कूल प्रशासन ने उनकी छुट्टी की मांग स्वीकार नहीं की, जिसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

पहले याचिका हुई थी खारिज

शुरुआत में मामले की सुनवाई करने वाले एकल न्यायाधीश ने कुछ पुराने फैसलों का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने उस समय कहा था कि निजी स्कूलों के शिक्षक सरकारी कर्मचारियों के समान सभी लाभ पाने के हकदार नहीं हैं।

इसके बाद शिक्षिका ने इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट की खंडपीठ में अपील दायर की।

हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत

सुनवाई के दौरान शिक्षिका की ओर से दलील दी गई कि दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम (DSE Act) की धारा 10 और नियम 111 के अनुसार मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को सरकारी स्कूल शिक्षकों के समान अवकाश और अन्य सुविधाएं मिलनी चाहिए।

खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि दिल्ली स्कूल शिक्षा नियमावली का नियम 111 स्पष्ट रूप से कहता है कि मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के कर्मचारी, चाहे स्कूल सहायता प्राप्त हो या नहीं, सरकारी स्कूलों में समान पद पर कार्यरत कर्मचारियों के बराबर लाभ पाने के हकदार हैं।

सरकारी कर्मचारियों को मिलती है 730 दिनों तक की CCL

अदालत ने अपने आदेश में केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के नियम 43(C) का भी उल्लेख किया। इसके अनुसार महिला सरकारी कर्मचारियों को अपने दो बड़े जीवित बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों की देखभाल के लिए सेवा अवधि के दौरान अधिकतम 730 दिनों तक की चाइल्ड केयर लीव दी जा सकती है।

हाई कोर्ट ने कहा कि जब दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को यह सुविधा उपलब्ध है तो मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को इससे वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि मातृत्व अवकाश और चाइल्ड केयर लीव ऐसे लाभ हैं, जिन्हें नकदी में परिवर्तित नहीं किया जा सकता।

अपने फैसले में दिल्ली हाई कोर्ट ने संबंधित स्कूल को निर्देश दिया कि वह शिक्षिका के आवेदन पर जल्द से जल्द विचार करे और कानून के अनुसार निर्णय ले।

बड़ी खबरें

View All

नई दिल्ली

दिल्ली न्यूज़

ट्रेंडिंग