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जहांगीरपुरी आगकांड: पहले ससुराल वालों पर मढ़ा आग लगाने का आरोप, अब पुलिस जांच में खुला दीपांश की मौत का असली राज

Self Immolation Case: दिल्ली के जहांगीरपुरी में युवक ने पत्नी के घर के बाहर खुद को आग लगा ली। पहले पत्नी और सास पर आरोप लगाए, लेकिन पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ।

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Self Immolation Case

जहांगीरपुरी आगकांड में पुलिस जांच में बाहर आया पूरा मामला (Photo-AI)

Delhi Jahangirpuri case: दिल्ली के जहांगीरपुरी में एक चौंकाने वाली और बहुत दर्दनाक घटना हुई थी, जहां 29 साल के दीपांश चौधरी ने अपने ससुराल के बाहर जाकर खुद को आग लगा ली थी। उस हॉस्पिटल में भी ले जाया गया लेकिन गंभीर हालत होने की वजह से इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआत में दीपांश ने पत्नी और सास पर उसे जलाने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस जांच में मामला उल्टा निकला। जांच में पता चला कि उसने खुद ही आग लगाई थी। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच काफी समय से झगड़ा चल रहा था और मामला पहले से महिला अपराध सेल में चल रहा था।

सामने आया पूरा मामला

दीपांश मूल रूप से गुजरात का रहने वाला था। उसकी मुलाकात जुलाई 2025 में एक ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट के जरिए युवती से हुई थी। दोनों ने 2 अप्रैल 2026 को शादी कर ली थी। पत्नी का कहना है कि शादी से पहले दीपांश ने खुद को IFS अफसर बताया था। बाद में वह कभी खुद को RAW एजेंट तो कभी सस्पेंडेड अधिकारी बताने लगा। लेकिन बाद में पता चला कि वह असल में बाइक टैक्सी चलाकर काम करता था। सच सामने आने के बाद दोनों के रिश्ते खराब होने लगे और घर में झगड़े बढ़ गए।

घरेलू हिंसा और धमकियों से परेशान थी पत्नी

पत्नी ने आरोप लगाया कि शादी के तीन दिन बाद से ही दीपांश ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी थी। उसने कई बार पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। युवती का कहना है कि दीपांश उसे मानसिक रूप से परेशान करता था और धमकी देता था कि अगर उसने शादी से इनकार किया तो उसके भाई को नुकसान पहुंचाएगा। पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि दीपांश उसके पुराने फोटो और वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करता था। लगातार विवाद और हिंसा के बाद वह पति का घर छोड़कर मायके आ गई थी।

पत्नी को मनाने आया था

पुलिस के अनुसार सोमवार रात दीपांश उत्तम नगर से जहांगीरपुरी पहुंचा था। वह पत्नी का कुछ सामान और दस्तावेज लेकर आया था और उसे वापस साथ चलने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन पत्नी ने उसके साथ जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद दीपांश ने कथित तौर पर पहले फिनाइल पी लिया और फिर घर के बाहर खुद को आग लगा ली।

पत्नी ने बताया कि घटना से कुछ देर पहले दीपांश लगातार फोन कर रहा था। जब वह घर पहुंचा तो दरवाजे की घंटी बजाकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसने धमकी दी कि वह उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा और सबक सिखाएगा।

पुलिस जांच में पलटी पूरी कहानी

शुरुआत में दीपांश ने पत्नी और सास पर उसे आग लगाने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस जांच में उसकी बात गलत निकली। आसपास के लोगों, परिवार वालों और मौके पर मिले सबूतों से पता चला कि उसने खुद ही आग लगाई थी ताकि पत्नी के परिवार को फंसा सके। पुलिस के अनुसार दीपांश खुद की लगाई हुई आग में 90% झुलस चुका था। उसे बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।