
Harish Rana: देश की सर्वोच्च अदालत से इच्छामृत्यु की अनुमति के मिलने के बाद से हर तरफ इस फैसले को लेकर चर्चा की जा रही है। दरअसल, हरीश इस 13 साल की लंबी लड़ाई के बाद आखिकार अब अपने परिवार से हमेशा के लिए दूर हो रहा है। बताया जा रहा है कि शनिवार की शाम हरीश को एम्स में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसी बीच हरीश की मां का एक ऐसा बयान सामने जो दिल को झकझोर देने वाली है। उसकी मां ने नम आंखों से कहा है कि हमने अपने बेटे को लेकर 13 साल तक संघर्ष किया और कोर्ट का फैसला आया है तो लोग पूछ रहे हैं आपको कैसा लग रहा है?
हरीश की मां ने कहा कि हम जिन हालात से गुजरे हैं, उन्हें शब्दों में बयान करना बेहद मुश्किल है। एक माता-पिता के लिए इससे बड़ा दर्द शायद ही कोई हो सकता है कि उन्हें अपने ही बच्चे के अंतिम पलों का सामना करना पड़े। दिल टूट चुका है, लेकिन फिर भी हम हिम्मत जुटाकर उसके साथ हर पल बिताना चाहते हैं। इसलिए हमारी बस यही गुजारिश है कि इस कठिन समय में हमारी भावनाओं और हमारी निजता का सम्मान किया जाए। हम चाहते हैं कि कोई सवाल-जवाब न हो, कोई शोर न हो, बस हमें अपने बेटे के साथ शांति से कुछ पल बिताने दिए जाएं, ताकि हम उसे प्यार से, सम्मान के साथ और पूरे दिल से आखिरी बार अलविदा कह सकें।
हरीश के पिता अशोक राणा ने बताया कि 13 सालों में उन्होंने जो दर्द और संघर्ष देखा, वैसा अनुभव किसी भी परिवार को न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शुरुआत में नोएडा से कुछ समय के लिए एक फिजियोथेरेपिस्ट भेजा गया था, लेकिन वह सिर्फ 14 दिन तक ही आया और फिर वापस नहीं लौटा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें निजी तौर पर थेरेपिस्ट ढूंढने की सलाह दे दी। जब उन्होंने प्राइवेट थेरेपिस्ट से संपर्क किया तो कई लोगों ने सरकार से भुगतान न मिलने का हवाला देते हुए काम करने से मना कर दिया। कुछ लोग थोड़े समय के लिए आए भी, लेकिन उनका मकसद यहां काम करके लाइसेंस लेना भर था। इस दौरान परिवार को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
Published on:
14 Mar 2026 12:21 pm
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