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6 साल की मासूम, 13 गंभीर चोटें और टूटी हड्डियां! सौतेली मां और पिता की हैवानियत ने ली अपनी ही बेटी की जान

Ghaziabad Murder News: गाजियाबाद में छह साल की मासूम बच्ची की सौतेली मां और पिता ने बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम में 13 गंभीर चोटें और हड्डियां टूटने की पुष्टि हुई।

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ghaziabad murder news 6 year old daughter killed by her stepmother and father

गाजयाबाद में छह साल की मासूम बच्ची की हत्या

Ghaziabad Murder News: गाजियाबाद से एक ऐसा केस सामने आया है, जिसने मानवीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस केस में एक 6 साल की बच्ची की एक छोटी सी गलती पर उसके पिता और उसकी सौतेली मां ने इतनी हैवानियत दिखाई कि उस बच्ची की मौत हो गई। उसके बाद दोनों आरोपियों ने इसे सामान्य बीमारी से हुई मौत बताकर परिवार और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस को इस मामले में शक हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर 13 गंभीर चोटों के निशान और हड्डियां टूटने की पुष्टि हुई, जिससे यह साबित हुआ कि यह कोई सामान्य मौत नहीं है। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

नाली में गिरने से हुई कहानी की शुरुआत

जानकारी के अनुसार, छह साल की शिफा 10 जनवरी की शाम को अपने दोस्तों के साथ खेल रही थी। उसी दौरान वह नाली में गिर गई और उसके शरीर और कपड़ों पर कीचड़ लग गया। इस बात से उसकी सौतेली मां निशा इतनी नाराज हुई कि गुस्से में वह यह भी भूल गई कि सामने सिर्फ 6 साल की बच्ची है। गुस्से में पहले उसने अपने पति को फोन करके घर बुलाया। घर आने के बाद शिफा को ऐसी हालत में देखकर उसके पिता अकरम ने उसे थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। इतना ही नहीं, उसके बाद निशा ने डंडा उठाया और उस बच्ची को बेरहमी से पीटा। उस 6 साल की बच्ची को इतना पीटा गया कि वह बेहोश हो गई।

इलाज में की लापरवाही

मारपीट के बाद शिफा उस पूरी रात और अगले आधे दिन बेहोश अवस्था में ही पड़ी रही। हैरानी की बात तो यह है कि इस दौरान उसकी सौतेली मां ने ना तो उसे खाना दिया और ना ही यह देखा कि कहीं उसे कोई गंभीर चोट तो नहीं लगी है। 11 जनवरी की दोपहर तक जब शिफा ने किसी तरह की कोई हरकत नहीं की तब जाकर अकरम का मन घबराया और उसके बाद वह उसे अलग-अलग जगहों के हॉस्पिटल लेकर गया। वह उसे पहले मसूरी, फिर पिलखुवा और आखिर में मेरठ के हॉस्पिटल में लेकर गया, लेकिन वहां के डॉक्टरों ने शिफा को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भी उन्होंने उसके ननिहाल पक्ष को यही बताया कि बच्ची की हालत गंभीर है।

पुलिस और परिजनों को गुमराह करने की कोशिश

12 जनवरी को बच्ची के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी, तब बच्ची के ननिहाल पक्ष वाले लोग मौके पर पहुंचे। उस दौरान उन्होंने बच्ची के शरीर पर चोटों के निसान देखे, जिससे उन्हें शक हुआ। इसलिए उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शिफा के पिता और सौतेली मां ने सबको और पुलिस को मौत का कारण यह बताया कि वह बीमार थी। लेकिन पुलिस का शक भी बच्ची के शरीर पर निशान देखकर और बढ़ गया था। इस वजह से पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा

पोस्टमार्टम में सामने आया कि बच्ची के शरीर पर 13 से ज्यादा चोट के निशान थे। जांच में यह भी सामने आया कि उसके दोनों हाथ और एक घुटने की हड्डी भी टूटी हुई थी। साथ ही एक आंख पर गहरी चोट का निशान भी था और उसकी पसलियां भी टूटी हुई थीं। डॉक्टर का कहना है कि बच्ची की मौत उसे जोर से पटक देने और सिर में गंभीर चोट आने और रक्तस्राव से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने बच्ची के पिता और सौतेली मां दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

सौतेली मां की बन चुकी थी आदत

पुलिस जांच में सामने आया कि निशा का व्यवहार अकरम की पहली पत्नी से हुए तीनों बच्चों के साथ शुरुआत से ही अमानवीय था। वह हर छोटी बात पर उन तीनों को मारती थी। चप्पल इधर-उधर रख देने, बर्तन को सही जगह नहीं रखने और यहां तक कि खाना ज्यादा मांगने पर भी बच्चों को वह पीटा करती थी। इन सब चीजों को देखते हुए भी अकरम चुप रहता था। पूछताछ में अकरम ने पुलिस को बताया कि उसकी पहली पत्नी की मौत के बाद उसने निशा से 2023 में शादी की थी। निशा तीनों बच्चों को बोझ समझती थी और अक्सर घर छोड़ने की धमकी भी देती थी। अकरम को डर रहता था कि अगर दूसरी पत्नी भी साथ छोड़ देगी तो वह अकेला तीनों बच्चों को कैसे संभालेगा। इसी डर के चलते वह बच्चों के खिलाफ निशा की क्रूरता को नजरअंदाज करता था। साथ ही वह निशा को रोकने की जगह खुद भी कई बार बच्चों को मारने लगा था।

दोनों आरोपी जेल में

पुलिस की पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बच्ची के नाना की शिकायत के आधार पर हत्या के साथ अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। इसके बाद बुधवार शाम को कोर्ट के आदेश के आधार पर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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