
चैतन्यानंद सरस्वती आगरा के होटल से गिरफ्तार
Girl Students Sexual Harassment: राजधानी दिल्ली में एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामले ने सनसनी मचा दी है। श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की 17 छात्राओं ने संस्थान से जुड़े आध्यात्मिक गुरु चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी पर अश्लील हरकतों और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। संस्थान के प्रशासक पीए मुरली की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने BNS की धारा 75(2), 79, 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) कोटे वाली छात्राओं को निशाना बनाया। यह छात्राएं पीजीडीएम (पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट) कोर्स कर रही थीं।
मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने 32 लड़कियों के बयान दर्ज किए। इसमें से 17 छात्राओं ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ डॉ. स्वामी पार्थसारथी पर प्रत्यक्ष यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि आरोपी अक्सर उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता था। उन्हें अश्लील व्हाट्सऐप संदेश भेजे जाते थे। इसके अलावा उनसे अवांछनीय शारीरिक संपर्क बनाता था। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िताओं ने संस्थान की ही कुछ महिला फैकल्टी और प्रशासनिक कर्मचारियों पर स्वामी चैतन्यानंद की बातें मानने के लिए उनपर दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है। छात्राओं का कहना है कि ये लोग उनपर दबाव बनाते थे कि वो स्वामी चैतन्यानंद की बात मान लें।
दिल्ली पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75(2), 79 और 351(2) के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद मामले की गहनता से जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस ने परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजी है। इसके अलावा घटनास्थल और आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। हालांकि आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती तो पुलिस के हाथ नहीं लगे, लेकिन संस्थान के बेसमेंट में खड़ी आरोपी की एक वोल्वो कार जब्त कर ली गई है। जिस पर फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट (39 UN 1) लगी हुई थी। इस मामले में 25 अगस्त 2025 को नया केस दर्ज किया गया।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 16 पीड़िताओं के बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी की आखिरी लोकेशन आगरा के पास मिली थी, जिसके बाद से वह फरार है। सीसीटीवी फुटेज को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसमें से मिले तथ्यों के आधार पर केस में अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। दूसरी ओर, मामले के तूल पकड़ने के बाद श्री शारदा इंस्टीट्यूट और शृंगेरी मठ प्रशासन ने आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती को सभी पदों से हटा दिया है। शारदा पीठम ने एक बयान जारी कर आरोपी की गतिविधियों को “अवैध, अनुचित और संस्थान के हितों के विपरीत” बताया और उससे सभी संबंध समाप्त कर दिए। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की तलाश के लिए कई टीमों को लगाया गया है। साथ ही जब्त किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच जारी है।
Updated on:
24 Sep 2025, 11:59 AM IST
Published on:
24 Sep 2025, 11:59 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.