
Bangladeshi Infiltration Case: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी आम आदमी पार्टी को एक और झटका लगा है। रिठाला से आम आदमी पार्टी के विधायक और उम्मीदवार महेंद्र गोयल से पुलिस ने चार घंटे पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने विधायक महेंद्र गोयल से करीब 50 सवाल पूछे। इसमें कुछ मौखिक और कुछ लिखित सवाल थे। पुलिस का कहना है कि विधायक महेंद्र गोयल पुलिस के सवालों का स्पष्ट जवाब देने में नाकाम रहे। इसके चलते अभी एक बार और उनसे पूछताछ की जा सकती है। मामला दिल्ली में अवैध रूप घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशियों के वैद्य कागजात बनवाने में फर्जीवाड़े का है।
दरअसल, बीते दिनों दिल्ली पुलिस ने अवैध रूप से बांग्लादेशियों की घुसपैठ कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। पुलिस जांच के दौरान आरोपियों के पास भारी मात्रा में फर्जी कागजात पाए गए थे। इन कागजातों पर आम आदमी पार्टी के रिठाला से विधायक महेंद्र सिंह की मुहर और हस्ताक्षर भी मिले थे। दक्षिण दिल्ली जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन कागजातों की सत्यता की जांच की जा रही है।
पता लगाया जा रहा है कि इन कागजातों पर मिले विधायक महेंद्र सिंह के हस्ताक्षर और मुहर उन्हीं की है या फिर गिरोह के आरोपियों ने ही उनके फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल किया है। इसी सिलसिले में सोमवार को दक्षिण दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र गोयल और उनके कार्यालय में काम करने वाले एक कर्मचारी रोहित कालरा से चार घंटे तक पूछताछ की। अब पुलिस आरोपी अफरोज के लैपटॉप और कागजातों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेशियों के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का एक आरोपी अफरोज अनुबंध पर आधार केंद्र में नौकरी करता था। वह दिल्ली के रोहिणी में कर्नाटक बैंक स्थित आधार केंद्र पर तैनात था। आरोपी अफरोज ने पुलिस को बताया था कि वो 4000 रुपये लेकर बांग्लादेशियों का फर्जी आधार कार्ड बनाता था। पुलिस का कहना है कि जब दक्षिण जिले के एएटीएस ने जांच के दौरान आरोपी अफरोज का लैपटॉप खंगाला तो इसमें काफी फर्जी कागजात मिले।
इन कागजातों पर आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र गोयल के हस्ताक्षर और मुहर लगी थी। इसकी जांच के लिए सोमवार को 'आप' विधायक महेंद्र गोयल और उनके कार्यालय में तैनात कर्मचारी रोहित कालरा को साकेत के पुष्प विहार स्थित एएटीएस के कार्यालय में बुलाया गया था। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन की भी जांच की है। इन्हें दोबारा फिर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी अफरोज के लैपटॉप में जो कागजात मिले हैं। उनमें रिठाला से आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र सिंह के हस्ताक्षर और मुहर लगी है। इसमें कुछ कागजात बांग्लादेशियों के भी हैं। साकेत के पुष्प विहार स्थित एएटीएस कार्यालय में आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र गोयल और उनके कर्मचारी से पुलिस ने 50 से ज्यादा सवाल पूछे। इस दौरान विधायक और उनके कर्मचारी ज्यादातर सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।
दरअसल, दिसंबर में पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी तरीके से भारत में बसाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। इस दौरान साल लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें आरोपी रंजीत और सुनील के पास से कुछ बांग्लादेशी नागरिकों के दस्तावेज मिले थे। इन दस्तावेजों पर विधायक महेंद्र गोयल के हस्ताक्षर और मुहर लगी थी। पुलिस ने विधायक से पूछा कि वह कबसे बांग्लादेशियों के भारतीय दस्तावेज बनवा रहे थे। इसके अलावा उन्होंने अब तक कितने बांग्लादेशियों के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनवाएं हैं। इसपर विधायक स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
सूत्रों का कहना है कि बड़ी संख्या में आधार कार्ड बनवाने में फर्जीवाड़े पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दिल्ली पुलिस विधायक और उनके कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर सकती है। विधायक और उनके कर्मचारी को पूछताछ के लिए शनिवार को बुलाया गया था, लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुए। इसके बाद उन्हें रविवार को नोटिस भेजकर सोमवार को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया। सोमवार को विधायक और उनका कर्मचारी तय समय दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एएटीएस कार्यालय पहुंच गए। इसके बाद पहले दोनों से अलग-अलग बाद में एक साथ बैठाकर सवाल पूछे गए।
रिठाला से मौजूदा विधायक महेंद्र गोयल को आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर से उम्मीदवार घोषित किया है। महेंद्र गोयल रिठाला से दो बार के विधायक हैं। हालांकि महेंद्र गोयल का विवादों से पुराना नाता रहा है। एक बार उन पर विधानसभा में नोट का बंडल लहराने का आरोप भी लगा था। इसके अलावा एक पुलिस अधिकारी से दुर्व्यवहार का आरोप भी महेंद्र गोयल पर लग चुका है। इस मामले में उन्होंने अपना इस्तीफा भी विधानसभा अध्यक्ष को दिया था, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया था।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भ्रष्टाचार बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने कैग रिपोर्ट का हवाला देकर अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली की जनता से ठगी करने का आरोप लगाया है। भाजपा का दावा है कि कैग रिपोर्ट में 2026 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की बात कही गई है। भाजपा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में पाठशाला के बदले मधुशाला बनाने का काम किया है। इस मामले में अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्री जेल भी जा चुके हैं। भाजपा के केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने आप आपदा बताकर अरविंद केजरीवाल का घेराव किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली से आपदा का जाना जरूरी है।
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Updated on:
14 Jan 2025, 1:32 PM IST
Published on:
14 Jan 2025, 1:32 PM IST
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