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Ram Kadam: ब्रिक्स में आतंकवाद के खिलाफ भारत ने उठाई मजबूत आवाज, राम कदम बोले- दुनिया को एकजुट होकर लड़ना होगा

BRICS Summit 2026: ब्रिक्स सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को भाजपा विधायक राम कदम ने मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।
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Ram Kadam

भाजपा विधायक राम कदम। फोटो- आईएएनएस

Pahalgam Attack: भाजपा विधायक राम कदम ने आतंकवाद के खिलाफ ब्रिक्स के रुख, मराठा आरक्षण आंदोलन, मनोज जरांगे पाटिल के ऐलान, मनसे प्रमुख राज ठाकरे की हिंदी संबंधी टिप्पणी और नवरात्रि-गरबा के दौरान खानपान व प्रवेश को लेकर चल रही बहस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन को भारत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुटता का संदेश गया है। वहीं मराठा आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार समाज के साथ मजबूती से खड़ी है, लेकिन कोई भी फैसला संविधान और न्यायपालिका की कसौटी पर खरा उतरना चाहिए।

ब्रिक्स के मंच पर भी आतंकवाद का मुद्दा उठाया

राम कदम ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले की गूंज केवल संसद तक सीमित नहीं रही। भारत ने ब्रिक्स के मंच पर भी आतंकवाद का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया। भारत ने दुनिया के देशों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की जरूरत पर जोर दिया है। आतंकवाद को लेकर भारत अपनी नीति स्पष्ट कर चुका है और भविष्य में सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पहलगाम हमले के बाद भारत ने संबंधित आतंकी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई कर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने ब्रिक्स को आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

कांग्रेस पर निशाना साधा

ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर राम कदम ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्राध्यक्ष शामिल हो रहे हैं। ऐसे में सम्मेलन के महत्व पर सवाल उठाना उचित नहीं है। भाजपा की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक विरोध की आड़ में देश के महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर ‘प्रतिशोध की राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दल से ऊपर देश को रखना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम का जिक्र करते हुए राम कदम ने कहा कि वे वित्त और गृह जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के महत्व की जानकारी होनी चाहिए।

'सरकार मराठा समाज के साथ'

मराठा आरक्षण आंदोलन और मनोज जरांगे पाटिल के ऐलान पर राम कदम ने कांग्रेस और शरद पवार पर मराठा आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मौजूदा सरकार ने मराठा समाज के आरक्षण के लिए पहल की और इसे आगे बढ़ाने का काम किया। सरकार मराठा समाज के साथ खड़ी है, लेकिन किसी दूसरे वर्ग के अधिकार या आरक्षण को प्रभावित करके दिया गया फैसला संविधान और कानून की कसौटी पर टिकना मुश्किल होगा। फैसला ऐसा होना चाहिए जो लोकतांत्रिक और संवैधानिक हो तथा न्यायपालिका में भी टिक सके।

नवरात्रि के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर राम कदम ने कहा कि कोई व्यक्ति क्या खाता है और कब खाता है, यह उसका निजी फैसला है। इस विषय को अनावश्यक रूप से बड़ा विवाद बनाने की जरूरत नहीं है। नवरात्रि और गणपति जैसे धार्मिक अवसरों पर आस्था रखने वाले लोग अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खानपान का पालन करते हैं। किसी व्यक्ति की निजी पसंद में हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। गरबा आयोजनों में प्रवेश को लेकर विश्व हिंदू परिषद की मांग पर राम कदम ने कहा कि गरबा को केवल मनोरंजन या नृत्य के कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। नवरात्रि में देवी की आराधना और श्रद्धा के साथ किया जाने वाला पारंपरिक रास ही गरबा की मूल भावना है। किसी भी जाति या पंथ का व्यक्ति यदि देवी में श्रद्धा और आस्था रखता है तो उसका स्वागत होना चाहिए। गरबा के धार्मिक स्वरूप और उससे जुड़ी आस्था की भावना को समझना जरूरी है।