
मनोज जरांगे ने मुंबई बंद करने की दी धमकी
दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल के एक छात्र की आत्महत्या का केस अब नई दिशा में जाता हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ यह मामला परिवार के आरोपों और सुसाइड नोट से पहले ही पेचीदा हो गया था, वहीं दूसरी तरफ नेताओं की बयानबाजी और जांच से जुड़ी रिपोर्ट ने इसे और गंभीर बना दिया है। इसी बीच अब मराठा आरक्षण के नेता मनोज जरांगे की एंट्री ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। मनोज जरांगे ने इस केस में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर साफ-साफ शब्दों में चेतावनी दी है। साथ ही सरकार पर दबाव बनाते हुए उन्होंने 8 दिनों का मोहलत दी है। इसके बाद अब इस मामले पर सबकी नजर टिकी हुई है कि प्रशासन आगे क्या एक्शन लेता है?
मंगलवार को दिल्ली पहुंचकर मनोज जरांगे मृतक छात्र के परिवार से मिले। जरांगे ने पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए बताया कि उस छात्र का परिवार महाराष्ट्र से है और मराठा समुदाय से जुड़ा है। परिवार के साथ बातचीत करने के बाद उन्होंने कहा कि उस छात्र के परिवार को वह किसी भी तरह न्याय दिलाकर ही रहेंगे, चाहे उन्हें किसी भी लेवल पर जाना पड़े। मनोज जरांगे ने दावा किया कि सरकार ने जो इस मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई थी, उसकी रिपोर्ट सबमिट हो चुकी है। इस रिपोर्ट में छात्र की मौत के लिए स्कूल प्रशासन और कुछ शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराया गया है। उनका आरोप है कि उस छात्र को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह इतने तनाव में आ गया कि उसने ऐसा कदम उठाया।
जरांगे ने साफ कहा कि अगर 8 दिनों में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह आंदोलन करेंगे। उसके साथ ही चेतावनी देते हुए साफ कहा कि अगर दिए गए समय में कार्रवाई नहीं की गई तो 'मुंबई बंद' जैसे बड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। इसी के चलते उन्होंने अमित शाह से इस मामले में हस्तक्षेप करने की भी मांग की और कहा कि उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मृतक के परिवार के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं हो और इस ममाले के दोषियों को सख्त सजा मिले।
यह पूरा मामला दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल के 16 साल के छात्र की आत्महत्या से जुड़ा है। छात्र ने पिछले महीने दिल्ली मेट्रो के राजेंन्द्र प्लेस स्टेशन पर प्लेटफॉर्म से छलांग लगाकर जान दे दी थी। छात्र के बैग से एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उसने स्कूल के चार टीचरों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उस छात्र के पिता ने भी आरोप लगाया था कि उनके बेटे को छोटी-छोटी बातों पर टारगेट किया जा रहा था। इस मामले में FIR दर्ज होने के बाद हेडमिस्ट्रेस और तीन अन्य टीचर्स को सस्पेंड किया गया। दिल्ली की सीएम के हस्तक्षेप के बाद इस मामले को दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। अब इस मामले की जांच उच्च स्तरीय कमेटी कर रही है।
Updated on:
17 Dec 2025 12:41 pm
Published on:
17 Dec 2025 12:40 pm
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