भले ही प्रधानमंत्री ने लड़की को माफ कर दिया हो, लेकिन इस मामले में कानूनी कार्रवाई अभी भी जारी है। 23 जुलाई को हुए इस प्रदर्शन के बाद नोएडा पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसे बाद में दिल्ली के संसद मार्ग थाने में ट्रांसफर कर दिया गया। लड़की की मां का कहना है कि पुलिस FIR में उनकी बेटी की उम्र गलत तरीके से 25 साल लिखी गई है, जबकि वह सिर्फ 15 साल की नाबालिग है। मां ने सरकार से अपील की है कि वे इस FIR को वापस ले लें ताकि बच्ची का भविष्य बर्बाद न हो।