
PM मोदी के ऐलान के बाद भी विवाद जारी, CJP ने फिर मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। फोटो सोर्स-PTI
Dharmendra Pradhan resignation demand: पेपर लीक मामले को लेकर देश में राजनीतिक घमासान लगातार जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक रोकने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का ऐलान किया है, लेकिन इसके बाद भी विपक्षी दलों का विरोध कम नहीं हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ कहा है कि सिर्फ नए फैसलों से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
CJP ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है। पार्टी का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, इसलिए सरकार को सिर्फ कार्रवाई का भरोसा नहीं देना चाहिए, बल्कि जिम्मेदार लोगों पर भी सख्त कदम उठाने चाहिए।
कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यह अच्छी बात है कि डेढ़ महीने तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार प्रधानमंत्री ने इस मामले पर ध्यान दिया। शायद उनकी विदेश यात्राएं खत्म हो गई हैं और वे वापस भारत आ गए हैं, यह अच्छी बात है। लेकिन सवाल यह है कि पेपर लीक होने के बाद सजा देने से समस्या का समाधान कैसे होगा? असली मुद्दा यह है कि पेपर लीक आखिर हो ही क्यों रहे हैं, इसका जवाब मिलना चाहिए।
चोट लगने के बाद दवा लगाना अलग बात है, लेकिन असली कोशिश यह होनी चाहिए कि चोट लगे ही नहीं। पेपर लीक बार-बार इसलिए हो रहे हैं क्योंकि व्यवस्था चलाने वाले लोग न तो जवाबदेह हैं और न ही सक्षम। इसलिए उठाए गए ये कदम काफी नहीं हैं। जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हम यहां से नहीं हटेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा था कि युवाओं का भविष्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा मामलों की जल्दी सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
हालांकि, CJP का कहना है कि केवल कानून बनाने या कोर्ट बनाने से समस्या खत्म नहीं होगी। पार्टी ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करना जरूरी है और शिक्षा मंत्री को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ना चाहिए।
इस मुद्दे को लेकर पहले भी विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। CJP की ओर से संसद तक निकाले गए मार्च ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने के बाद मामला और ज्यादा राजनीतिक हो गया था। इसके बाद कांग्रेस ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। राहुल गांधी ने सरकार के सामने छात्रों से माफी मांगने, शिक्षा मंत्री को हटाने और प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई करने वालों पर सख्त कदम उठाने जैसी मांगें रखीं।
वहीं, सरकार का कहना है कि वह इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह होगा कि सरकार के नए कदमों से विवाद शांत होता है या फिर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक लड़ाई आगे भी जारी रहती है।
Updated on:
23 Jul 2026 11:41 am
Published on:
23 Jul 2026 11:21 am
