
छात्राओं के यौन शोषण मामले में आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती को कोर्ट ने भेजा जेल। (फोटो: ANI/Design: Patrika)
Swami Chaitanyananda: दिल्ली के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में 17 छात्राओं के यौन शोषण मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। संस्थान में बतौर निदेशक तैनात रहे स्वयंभू धर्मगुरु स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के ऑफिस में तलाशी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में सेक्स टॉय, अश्लील सीडी समेत अन्य सामान मिला था। अब दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस दौरान चैतन्यानंद सरस्वती की ओर से कोर्ट में पेश वकील ने तीन मांगें पूरी करने के लिए आवेदन दिया है। चैतन्यानंद की ओर से मिले आवेदनों को पढ़कर एक बार जज का माथा भी चकरा गया। इसपर मजिस्ट्रेट ने दिल्ली पुलिस से आवेदनों को लेकर जवाब मांगा है। इसके बाद इस मामले में कुछ निर्णय लिया जा सकता है।
दरअसल, शुक्रवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार ने 17 छात्राओं का यौन शोषण करने के आरोपी स्वयंभू धर्मगुरु स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इस दौरान स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की ओर से कोर्ट में पेश वकीलों ने तीन आवेदन पत्र कोर्ट में जमा किए। इनमें बाबा के खिलाफ जब्ती ज्ञापन और केस डायरी देने के साथ जेल में संन्यासी भोजन, संन्यासी वेश के लिए कपड़े और दवाइयां-किताबें उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके बाद जज ने इसके बारे में दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। सूत्रों का कहना है कि 'डर्टी बाबा' के आवेदनों पर कोर्ट में सवाल उठा कि छात्राओं को धमकाकर उनका यौन शोषण करने वाला चैतन्यानंद सरस्वती क्या वाकई में संन्यासी है? बहरहाल अब पुलिस का जवाब आने के बाद ही कोर्ट इस मामले में कोई फैसला लेगी।
इससे पहले स्वयंभू धर्मगुरु स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पांच दिन पुलिस हिरासत में रहा। इस दौरान पूछताछ में उसने सिर्फ वही बातें स्वीकार की, जिनके पुलिस ने उसके सामने सबूत रख दिए। इसके अलावा उसने पुलिस पूछताछ में कोई सहयोग नहीं किया। शुक्रवार को चैतन्यानंद को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार के समक्ष पेश किया गया। 62 साल के चैतन्यानंद को पुलिस ने 28 सितंबर को आगरा से गिरफ्तार किया था।
चैतन्यानंद पर दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की 17 छात्राओं ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने सबसे पहले मामले में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद चैतन्यानंद सरस्वती से जुड़े कई बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट से लगभग आठ करोड़ रुपये जब्त किए गए। दर्ज FIR में कहा गया है कि दक्षिण-पश्चिम दिल्ली स्थित प्रबंधन संस्थान का पूर्व अध्यक्ष सरस्वती छात्राओं पर देर रात अपने क्वार्टर में आने का दबाव डालता था और उन्हें अनुचित समय पर आपत्तिजनक संदेश भेजता था। एफआईआर में ये भी बताया गया है कि वह अपने मोबाइल फोन के जरिए छात्राओं की गतिविधियों की निगरानी भी करता था।
दिल्ली के एक निजी प्रबंधन संस्थान से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद पुलिस ने संस्थान के पूर्व अध्यक्ष चैतन्यानंद और सरस्वती के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। उन पर छात्राओं को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करने, अनुचित संदेश भेजने और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अब तक करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है और दोनों आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। अदालत में पेशी के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि चैतन्यानंद ने इंस्टीट्यूट की एक छात्रा पर दुबई के शेख का सेक्स पार्टनर बनने का दबाव भी बनाया था। इसके अलावा वह छात्राओं ने जबरन अपने कमरे में बुलाता था। जहां उनके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाता था।
Updated on:
03 Oct 2025 06:42 pm
Published on:
03 Oct 2025 06:42 pm
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