17 मई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

WFH बना मुसीबत! ‘हर समय चक्कर और जीरो फोकस’, टेक कर्मचारी ने बताई परेशानी

WFH Health Issues: एक टेक कर्मचारी ने सोशल मीडिया पर बताया कि लंबे समय तक Work From Home करने से उसकी सेहत और मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। बिना खिड़की वाले कमरे में काम करने के कारण उसे हर समय चक्कर, थकान और फोकस की कमी महसूस हो रही है। पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने उसे डॉक्टर से सलाह लेने और लाइफस्टाइल बदलने की सलाह दी।

2 min read
Google source verification
WFH Health Issues

AI द्वारा बनाया गया प्रतीकात्मक फोटो

Work From Home Problems: वर्क फ्रॉम होम (WFH) को जहां कई लोग आरामदायक और सुविधाजनक मानते हैं, वहीं एक टेक कर्मचारी के लिए यह अब बड़ी परेशानी बन गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक टेकी ने अपनी हालत साझा करते हुए बताया कि लंबे समय तक घर से काम करने के कारण उसकी सेहत और मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। उसने अपनी पोस्ट का शीर्षक रखा-'WFH मेरी एनर्जी खत्म कर रहा है। हर समय चक्कर आते हैं, फोकस नहीं रहता और मैं बिना खिड़की वाले कमरे में काम करता हूं। क्या यह सामान्य है?'

टेक कर्मचारी ने बताया कि यह उसका पहला लंबा वर्क फ्रॉम होम अनुभव है और पिछले दो महीनों में उसकी ऊर्जा पूरी तरह खत्म सी हो गई है। उसने लिखा कि रोज सुबह 8-9 घंटे की नींद लेने के बावजूद उसे चक्कर और सुस्ती महसूस होती है। काम में पहले जैसा उत्साह और फोकस भी नहीं बचा है। उसने कहा कि वह स्वभाव से काफी सामाजिक व्यक्ति है, लेकिन लगातार अकेले कमरे में काम करने की आदत नहीं डाल पा रहा। उसने अपनी सबसे बड़ी समस्या कमरे को बताया, जहां वह काम करता है। कर्मचारी के अनुसार, उसका वर्कस्पेस ऐसा कमरा है जिसमें कोई खिड़की नहीं है और दिनभर सूरज की रोशनी बिल्कुल नहीं आती। उसने कहा कि प्राकृतिक रोशनी की कमी शायद उसकी थकान और खराब स्वास्थ्य की बड़ी वजह हो सकती है।

AI से काम आसान, लेकिन रुचि महसूस नहीं होती

रेडिट यूजर ने यह भी बताया कि उसकी दिनचर्या बेहद सुस्त हो गई है। वह मीटिंग शुरू होने से कुछ देर पहले उठता है और दिनभर AI टूल्स जैसे Claude और Cursor की मदद से कोडिंग करता रहता है। हालांकि AI टूल्स से काम आसान हो गया है, लेकिन अब उसे काम में मानसिक चुनौती और रुचि महसूस नहीं होती। उसने लिखा कि अब 'इंटेंस डेवलपमेंट' जैसा एहसास गायब हो गया है और नई स्किल सीखने की कोशिश भी जल्दी बोर कर देती है।

कर्मचारी ने आशंका जताई कि धूप की कमी के कारण उसे विटामिन D या आयरन की कमी हो सकती है। उसने लोगों से सलाह मांगी कि क्या उसे डॉक्टर से मिलना चाहिए और बिना प्राकृतिक रोशनी वाले कमरे में काम करते हुए लोग अपनी दिनचर्या कैसे संभालते हैं।

सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कई लोगों ने उसे लाइफस्टाइल बदलने और मेडिकल जांच कराने की सलाह दी। कुछ यूजर्स ने कहा कि सुबह जल्दी उठकर धूप में टहलना, जिम जाना, बेहतर डाइट लेना और हर 30 मिनट में छोटे-छोटे ब्रेक लेना काफी मददगार हो सकता है। वहीं कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि अगर संभव हो तो उसे खिड़की और धूप वाले कमरे में शिफ्ट हो जाना चाहिए।