6 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

दिल्ली में दिवाली से पहले बड़ी साजिश का भंडाफोड; तीन ठिकानों पर ताबड़तोड़ मारेमारी, नकली घी समेत 6 दबोचे

Fake Ghee: राष्ट्रीय राजधानी में दिवाली से पहले दिल्ली पुलिस ने तीन ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस का कहना है कि हजारों लोगों को टारगेट कर आरोपी बड़ी साजिश को अंजाम देने में जुटे थे।

3 min read
Google source verification
Three fake ghee factories busted in Delhi before Diwali 2025 six arrested

दिल्ली में नकली घी बनाने का गिरोह गिरफ्तार।

Fake Ghee: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पुलिस ने एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह रैकेट हजारों लोगों को टारगेट कर बड़ी साजिश को अंजाम देने में जुटा था। हालांकि किसी अंजाम तक पहुंचने से पहले दिल्ली पुलिस को इसका सुराग लगा और ताबड़तोड़ छापेमारी कर छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से पुलिस को भारी मात्रा में आपत्तिजनक चीजें बरामद हुई हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसके साथ ही आरोपियों से सख्त पूछताछ जारी है।

दरअसल, त्योहारी सीजन देखते हुए दिल्ली में मुनाफाखोरी के लिए खतरनाक साजिश रची जा रही थी। इसका सुराग मिलते ही एक्टिव हुई दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक साथ तीन ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से एक आरोपी आदतन अपराधी है, जबकि पांच लोग पहली बार गिरफ्तार हुए हैं। यह लोग हजारों लोगों का त्योहार पर स्वास्‍थ्य खराब करने की साजिश को अंजाम दे रहे थे। दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि आरोपी मुनाफाखोरी के चक्कर में नकली देसी घी तैयार कर रहे थे, जो केमिकल और असुरक्षित उत्पादों को मिलाकर बनाया जा रहा था।

असुरक्षित पदार्थों को मिलाकर बना रहे थे देसी घी

दिल्ली क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया "पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने थोक में डालडा (वनस्पति घी) और सस्ता रिफाइंड तेल खरीदा था, जिसे गर्म करके शुद्ध देसी घी जैसा बनाया गया था। असली स्वाद देने के लिए, इसमें रसायन-आधारित फ्लेवरिंग एजेंट, सिंथेटिक रंग और असुरक्षित पदार्थ मिलाए गए थे। फिर उत्पाद को असली ब्रांड जैसा दिखने वाले टिन और पैकेट में पैक किया जाता था और डेयरियों, दुकानों और वितरकों को, खासकर त्योहारों के मौसम में, सप्लाई किया जाता था। इस कच्ची और खतरनाक प्रक्रिया ने न केवल उपभोक्ताओं को धोखा दिया, बल्कि उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी पैदा किया।"

इन जगहों पर हुई ताबड़तोड़ छापेमारी

दिल्ली क्राइम ब्रांच के उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि त्योहारी सीजन में नकली देसी घी तैयार करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीन अवैध इकाइयों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर आरोपियों के कब्जे से 1,625 किलोग्राम नकली देसी घी का स्टॉक जब्त किया। उन्होंने बताया कि क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज ने शिव विहार, करावल नगर और मुस्तफाबाद में समन्वित छापेमारी के बाद इन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि दिवाली के दौरान बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए उत्तर-पूर्वी दिल्ली में ये इकाइयां बड़े पैमाने पर संचालित की जा रही थीं।

कहां से क्या बरामद हुआ?

पुलिस के अनुसार, शिव विहार में पहली छापेमारी में 520 किलोग्राम नकली घी बरामद किया गया। इस दौरान 30 साल के सफीक को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा उसी इलाके में दूसरी छापेमारी में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 50 साल के यूसुफ मलिक भी शामिल हैं। यूसुफ मलिक का आपराधिक रिकॉर्ड है। इसके चलते पुलिस ने इसे आदतन अपराधी बताया है। यूसुफ मलिक का 22 साल का बेटा महबूब भी गिरफ्तार हुआ है। जबकि गाजियाबाद निवासी शाकिर और शाहरुख भी पुलिस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए। यह सभी लोग यूसुफ मलिक के साथ नकली घी बनाने में जुटे थे। पुलिस ने बताया कि यूसुफ मलिक के ठिकाने पर कार्रवाई के दौरान 440 किलो नकली घी, गैस सिलेंडर, चूल्हे और रासायनिक पदार्थ भी बरामद किया गया। जिसे जब्त कर लिया गया है।

मिलावटी सामान देखकर पुलिस के होश उड़े

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, तीसरी छापेमारी ओल्ड मुस्तफाबाद में की गई। जहां 40 साल के जमालुद्दीन को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 665 किलो मिलावटी सामान बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि प्रत्येक टिन बनाने में रैकेट चलाने वालों को लगभग 1,300-1,400 रुपये का खर्च आता था और बाजार में इसे 3,500-4,000 रुपये में बेचा जाता था। भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत, मिलावट सहित, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धाराओं के साथ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस ज़ब्ती से त्योहारों के मौसम से पहले एक बड़ा जन स्वास्थ्य जोखिम टल गया। रैकेट की आपूर्ति श्रृंखला के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए आगे की जाँच जारी है।