
पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट फर्जी होने का दावा
Twisha Sharma case: सनसनीखेज ट्विशा शर्मा मौत मामले में मृतका के परिवार के वकील एडवोकेट अंकुर पांडेय ने पुलिसिया जांच और शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने जांच प्रक्रिया में कई बड़ी कमियों और विसंगतियों का दावा करते हुए पूरे मामले को संदेहास्पद बताया है। दरअसल, अंकुर पांडेय ने कहा कि पुलिस की तफ्तीश और पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई ऐसी खामियां हैं, जिसने परिवार को दोबारा पोस्टमार्टम (Second Post-Mortem) कराने की मांग करने पर मजबूर किया है।
मृतका के परिवार का पक्ष रख रहे एडवोकेट पांडेय ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों पर हैरानी जताते हुए कह कि ट्विशा की लंबाई अच्छी-खासी (लंबी) थी, लेकिन पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी ऊंचाई को वास्तविक कद से काफी कम दिखाया गया है। यह उन गंभीर और चौंकाने वाली गलतियों में से सिर्फ एक है जो साफ तौर पर नजर आ रही हैं। इतना ही नहीं उन्होंने आगे बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पूरी तरह मनगढ़ंत या फर्जी (Fabricated) तरीके से तैयार की गई है। यही वजह है कि ट्विशा की मौत के असली कारणों और परिस्थितियों का सच सामने लाने के लिए दोबारा और निष्पक्ष पोस्टमार्टम कराना बेहद जरूरी हो गया है।
जांच प्रक्रिया के अलावा, कानूनी राहत को लेकर भी वकील ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मामले के आरोपियों में से एक, गिरीबाला को अदालत से अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) मिलने की आलोचना की। एडवोकेट पांडेय ने दृढ़ता से कहा, 'मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए गिरीबाला को किसी भी कीमत पर अग्रिम जमानत नहीं दी जानी चाहिए थी, यह फैसला न्यायसंगत नहीं लगता।'
वकील अंकुर पांडेय ने पुलिस द्वारा अब तक की गई पूरी तफ्तीश की ईमानदारी और गहराई पर सवालिया निशान लगाया है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में सामने आईं इन बड़ी विसंगतियों के कारण शुरुआती नतीजों पर से परिवार का भरोसा पूरी तरह उठ गया है। यही कारण है कि अब एक स्वतंत्र और विश्वसनीय जांच की मांग को और मजबूती मिली है।
ट्विशा शर्मा की मौत का यह मामला लगातार सुर्खियां बटोर रहा है, जहां पीड़ित परिवार और उनकी कानूनी टीम पूरी पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग को लेकर अड़ी हुई है। माना जा रहा है कि दोबारा पोस्टमार्टम कराने की इस मांग पर अदालत का जो भी रुख होगा, वह इस केस की अगली दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। फिलहाल, दोबारा पोस्टमार्टम की अर्जी पर कोर्ट के आधिकारिक जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
Updated on:
20 May 2026 05:11 pm
Published on:
20 May 2026 05:11 pm
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