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स्वास्थ्य बीमा से टैक्स कैसे बचाएं? फॉलो करें ये टिप्स

स्वास्थ्य बीमा से न केवल बीमारी के समय में सुरक्षा मिलती, बल्कि टैक्स में भी जबर्दस्त छूट मिलती है! जानिए कैसे एक सही प्लान के जरिए आप अपनी जेब हल्की होने से बचा सकते हैं और स्वास्थ्य का ख्याल भी रख सकते हैं।
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स्वास्थ्य बीमा से वित्तीय सुरक्षा भी मिलती है (Photo: IANS)

आजकल स्वास्थ्य बीमा न केवल बीमारी से सुरक्षा का साधन है, बल्कि यह टैक्स बचत का भी एक प्रभावी तरीका बन गया है। यदि आप नौकरीपेशा युवा, छोटे व्यापारी, निवेशक या रिटायरमेंट प्लानर हैं, तो यह जानना आवश्यक है कि स्वास्थ्य बीमा पर मिलने वाले टैक्स लाभ आपके बजट और बचत को कैसे मजबूत कर सकते हैं।

स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स कटौती कैसे मिलती है

आयकर अधिनियम की धारा 80D के तहत आप स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम, निवारक स्वास्थ्य जांच और कुछ मामलों में चिकित्सा व्यय पर टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। यह कटौती आपकी कुल टैक्सेबल इनकम से घटाई जाती है, जिससे आपकी टैक्स देनदारी कम होती है।

कटौती की सीमा और वर्गीकरण

नीचे दी गई तालिका से स्पष्ट होता है कि किस श्रेणी में कितनी कटौती मिल सकती है:

श्रेणीकटौती सीमा
स्वयं, जीवनसाथी और आश्रित बच्चे (60 वर्ष से कम)₹25,000
स्वयं, जीवनसाथी और आश्रित बच्चे (वरिष्ठ नागरिक)₹50,000
माता-पिता (60 वर्ष से कम)₹25,000
माता-पिता (वरिष्ठ नागरिक)₹50,000
निवारक स्वास्थ्य जांच (कुल सीमा में शामिल)₹5,000
वरिष्ठ नागरिकों का चिकित्सा व्यय (बीमा न होने पर)₹50,000 प्रति व्यक्ति

कैसे काम करता है यह कटौती?

मान लीजिए आप और आपके माता-पिता दोनों वरिष्ठ नागरिक हैं और आपने स्वास्थ्य बीमा के लिए ₹50,000 और ₹40,000 का प्रीमियम भरा। इस स्थिति में आप:

  • स्वयं/परिवार के लिए ₹50,000 (सीमा) तक कटौती ले सकते हैं।
  • माता-पिता के लिए ₹50,000 तक अतिरिक्त कटौती ले सकते हैं।
  • यदि आपने निवारक जांच के लिए ₹5,000 खर्च किए, तो वह भी इसी सीमा में शामिल है।

यदि आपने वरिष्ठ नागरिकों के लिए बीमा नहीं लिया, तो चिकित्सा व्यय (जैसे अस्पताल बिल) पर ₹50,000 तक की कटौती मिल सकती है।

निवारक स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान

निवारक जांच (जैसे ब्लड टेस्ट, स्कैन आदि) पर ₹5,000 तक की कटौती मिलती है, लेकिन यह कुल सीमा के अंदर ही आता है। यानी यह अलग से नहीं, बल्कि उसी ₹25,000 या ₹50,000 की सीमा में शामिल है।

भुगतान का तरीका मायने रखता है

निवारक जांच का भुगतान नकद में किया जा सकता है, लेकिन स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम या चिकित्सा व्यय के लिए बैंक ट्रांजेक्शन (चेक, ऑनलाइन आदि) जरूरी हैं।

GST में हालिया बदलाव

22 सितंबर 2025 से व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसियों पर GST दर 18% से घटाकर शून्य कर दी गई है। इसका मतलब है कि अब आपको GST नहीं देना होगा, जिससे पॉलिसी की कुल लागत कम हो गई है।

आपके लिए व्यावहारिक कदम

  1. अपनी और परिवार की उम्र के अनुसार बीमा योजना चुनें- यदि आप या माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हैं, तो ₹50,000 तक की कटौती का लाभ उठाएं।
  2. निवारक जांच के लिए ₹5,000 तक खर्च करें और उसका भुगतान बैंक या ऑनलाइन माध्यम से करें।
  3. बीमा प्रीमियम का भुगतान बैंक या ऑनलाइन माध्यम से करें ताकि कटौती का दावा हो सके।
  4. ITR भरते समय 80D सेक्शन में बीमाकर्ता का नाम, पॉलिसी नंबर और भुगतान की राशि सही-सही भरें।
  5. यदि आपने वरिष्ठ नागरिकों के लिए बीमा नहीं लिया, तो चिकित्सा व्यय का बिल संभालकर रखें- ₹50,000 तक की कटौती मिल सकती है।

ध्यान देने योग्य बातें

  • नई टैक्स व्यवस्था (New Regime) में 80D जैसी कटौतियां उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए यदि आप कटौती का लाभ लेना चाहते हैं, तो पुरानी व्यवस्था (Old Regime) में ही टैक्स भरें।
  • परिवार फ्लोटर पॉलिसी में माता-पिता के हिस्से का स्पष्ट ब्रेकअप हो तो अलग से कटौती ली जा सकती है।

स्वास्थ्य बीमा के साथ वित्तीय सुरक्षा भी

स्वास्थ्य बीमा न केवल टैक्स बचत का साधन है, बल्कि यह आपको और आपके परिवार को वित्तीय सुरक्षा भी प्रदान करता है। अचानक आने वाली चिकित्सा आपात स्थितियों में यह आपकी आर्थिक स्थिति को स्थिर रखने में मदद करता है। इसके अलावा, कई बीमा योजनाएं कैशलेस अस्पताल सेवाएं भी प्रदान करती हैं, जिससे आपको इलाज के समय नकद भुगतान की चिंता नहीं करनी पड़ती।

1,00,000 लाख तक हो सकती है बचत

स्वास्थ्य बीमा सिर्फ बीमारी से सुरक्षा नहीं, बल्कि टैक्स बचत का भी एक असरदार जरिया है। यदि आप सही तरीके से योजना बनाएं और उम्र, बीमा कवरेज, भुगतान माध्यम और टैक्स रिटर्न भरने में सावधानी बरतें तो आप ₹1,00,000 तक की कटौती का लाभ उठा सकते हैं। यह बचत आपके बजट को मजबूत बनाएगी और भविष्य में वित्तीय सुरक्षा का आधार बनेगी।